कम खर्च में प्रोफेशनल मीडिया प्रशिक्षण, करियर के सुनहरे अवसर: डॉ. दिवाकर अवस्थी
कानपुर, 31 मार्च (हि.स.)। कम खर्च में बेहतर प्रशिक्षण के साथ मीडिया इंडस्ट्री में करियर बनाने का सुनहरा मौका छात्रों को दिया जा रहा है, जहां आधुनिक तकनीकों के जरिए विद्यार्थियों को पूरी तरह प्रोफेशनल बनाया जाता है और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार किया जाता है। यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहीं।
उन्होंने बताया कि सीएसजेएमयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विभाग में स्नातक (बीए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) और परास्नातक (एमए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) पाठ्यक्रमों में 50-50 सीटें निर्धारित हैं, जिनमें प्रवेश पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाएगा। स्नातक कोर्स की अवधि तीन वर्ष है, जिसमें इंटरमीडिएट पास छात्र प्रवेश ले सकते हैं और इसकी वार्षिक फीस लगभग 31,200 रुपये निर्धारित है। वहीं परास्नातक कोर्स दो वर्ष का है, जिसमें किसी भी स्ट्रीम से स्नातक पास छात्र प्रवेश ले सकते हैं और इसकी वार्षिक फीस करीब 41,200 रुपये है।
इसके अलावा विभाग में एक वर्षीय परास्नातक डिप्लोमा (पीजीडीजेएमसी) कोर्स भी संचालित है, जिसमें 30 सीटें हैं और फीस लगभग 42,200 रुपये प्रतिवर्ष है। लेटरल एंट्री के माध्यम से परास्नातक के दूसरे वर्ष में प्रवेश की सुविधा भी दी जाती है, जिसके लिए संबंधित डिप्लोमा आवश्यक है और इसमें 10 सीटें निर्धारित हैं। फिल्म निर्माण (फिल्ममेकिंग) में दो वर्षीय परास्नातक कोर्स भी उपलब्ध है, जिसमें 30 सीटें हैं और इसकी वार्षिक फीस लगभग 51,200 रुपये है।
उन्होंने बताया कि विभाग की विशेषता यह है कि यहां छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि आधुनिक स्टूडियो के माध्यम से प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। एंकरिंग, रिपोर्टिंग, कैमरा संचालन, वीडियो संपादन, ग्राफिक डिजाइनिंग और वॉइस ओवर जैसी तकनीकी बारीकियां अनुभवी प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में सिखाई जाती हैं।
रोजगार के दृष्टिकोण से यह क्षेत्र बेहद व्यापक और संभावनाओं से भरा हुआ है। एक समाचार के निर्माण में बड़ी टीम काम करती है, जिसमें न्यूज़ लेखक, कॉपी संपादक, कंटेंट लेखक, रिपोर्टर, एंकर, वीडियो संपादक, ग्राफिक डिजाइनर, कैमरामैन और वॉइस ओवर आर्टिस्ट जैसे कई पद शामिल होते हैं।
विभाग की उपलब्धियों की बात करें तो यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र देश के बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पाठ्यक्रमों में समय के साथ बदलाव करते हुए विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पत्रकारिता (एआई जर्नलिज्म) और हेल्थ कम्युनिकेशन जैसे नए विषय भी शामिल किए जा रहे हैं। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे छात्र आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय मूल्यों को भी समझ सकें।------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप