देवा मेले में साकार हुईं श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाएं
बाराबंकी, 03 नवंबर (हि.स.)। ऐतिहासिक देवा मेला-2026 की सांस्कृतिक संध्या में भरतनाट्यम नृत्य नाटिका ‘कृष्ण मधुरम्’ का मनोहारी मंचन किया गया। ‘कलाश्री’ सैयद शमशुर रहमान के निर्देशन में कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण के महारास तक के प्रसंगों को शास्त्रीय नृत्य, संगीत और भावपूर्ण अभिनय के जरिए जीवंत कर दिया।
प्रस्तुति में कंस के कारागार में श्रीकृष्ण के जन्म, गोकुल में माखन चोरी, यशोदा के वात्सल्य और गोपियों के साथ बाल लीलाओं का आकर्षक चित्रण किया गया। वहीं वृंदावन में राधा-कृष्ण के महारास ने प्रेम, भक्ति और समर्पण का भावपूर्ण संदेश दिया। कलाकारों की भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सैयद शमशुर रहमान देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उन्होंने गुरु डॉ. सरोजा वैद्यनाथन के सान्निध्य में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वह लखनऊ स्थित स्वर्ण हंस नृत्य कला मंदिर के संस्थापक एवं निदेशक भी हैं। उनके निर्देशन में प्रस्तुत ‘कृष्ण मधुरम्’ ने देवा मेले की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी