लखनऊ : परिवहन कर्मचारियों का लखनऊ में धरना, 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

 


लखनऊ, 21 सितंबर (हि.स.)। भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के आह्वान पर सोमवार को उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने परिवहन उद्योग एवं कर्मचारी हितों के संरक्षण की मांग को लेकर कैसरबाग बस स्टेशन से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मुख्यालय तक रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। संघ के अनुसार प्रदर्शन में प्रदेश के 20 क्षेत्रों और 120 डिपो से आए करीब पांच हजार कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने किया। भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश अध्यक्ष बिशेश्वर राय, महामंत्री अनिल कुमार उपाध्याय और भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय महामंत्री राजू भाऊराव भालेराव समेत अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

राजू भाऊराव भालेराव ने कहा कि परिवहन सेवा को आम जनहित में मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि देशभर के परिवहन निगम मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए जा रहे हैं और मांगों के समर्थन में 18 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।

संघ के प्रदेश महामंत्री भारत भूषण ने 17 सूत्रीय मांग पत्र पढ़कर सुनाया। इसमें डग्गामार वाहनों पर रोक, परिवहन निगम की बसों पर अतिरिक्त करों में कमी, करीब 1,000 करोड़ रुपये के पूंजी अंशदान की माफी, 2,000 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज, नियमित कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती तथा 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग शामिल है।

प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि निगम को नई और इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों के वेतन-भत्तों में वृद्धि के लिए सरकार का आभार है। उन्होंने कहा कि अवैध बस संचालन से निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। तेल संकट के कारण निगम पर करीब 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा है।

प्रदर्शन के बाद भारत भूषण ने प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपा। प्रबंध निदेशक ने ज्ञापन को केंद्र और प्रदेश सरकार को अपनी संस्तुति के साथ भेजने का आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा