कॉरिडोर-2 के भूमिगत स्टेशनों पर लग रहे लिफ्ट-एस्केलेटर, दिव्यांगों और बुजुर्गों को मिलेगी सुविधा : सुशील कुमार

 


कानपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 में सिविल निर्माण के साथ लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने का काम भी तेजी से कराया जा रहा है। भूमिगत स्टेशनों पर लगाई जा रही ये सुविधाएं यात्रियों के साथ दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवागमन आसान बनाएंगी। यह बातें गुरुवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।

कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) के करीब 4.10 किलोमीटर लंबे भूमिगत हिस्से में रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया स्टेशन शामिल हैं। तीनों स्टेशनों पर प्रवेश द्वार से कॉनकोर्स और फिर प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए 12 एस्केलेटर और सात लिफ्ट लगाई जा रही हैं। इनकी स्थापना के साथ परीक्षण का काम भी चल रहा है। कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड हिस्से में भी 18 लिफ्ट और 18 एस्केलेटर लगाए जाने हैं।

मेक इन इंडिया के तहत तैयार उपकरण

यूपीएमआरसी के मुताबिक, मेट्रो के लिए सभी लिफ्ट और एस्केलेटर चेन्नई में निर्मित किए गए हैं। इनमें ऊर्जा बचाने की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। स्मार्ट एस्केलेटर पर कुछ समय तक यात्री नहीं होने पर वे स्वत: बंद हो जाते हैं, जिससे बिजली की खपत कम होती है। आपात स्थिति में इन्हें रोकने के लिए तीन इमरजेंसी स्टॉप बटन दिए गए हैं। साथ ही स्वचालित उद्घोषणा प्रणाली के जरिए यात्रियों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए जाएंगे।

मेट्रो की लिफ्टों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ब्रेकिंग के दौरान उत्पन्न ऊर्जा का दोबारा उपयोग कर बिजली की बचत की जा सके। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 में सिविल निर्माण और सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम समानांतर रूप से किया जा रहा है, ताकि परियोजना के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप