बांदा: बारिश से नुकसान के सर्वे में वसूली का आरोप, लेखपाल निलंबित
बांदा, 06 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में भारी बारिश से हुए नुकसान के सर्वे के दौरान ग्रामीणों से कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप का मामला सामने आया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित राजस्व लेखपाल संध्या सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं ग्रामीणों की मांग पर पूरे मामले की जांच कराने और दोबारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सर्वे कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेशभर में हाल में हुई भारी बारिश के कारण खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसी क्रम में बुंदेलखंड के जनपद बांदा में तहसील अतर्रा के डंगरा पुरवा मजरे में कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। बारिश का पानी घरों में घुसने से राशन समेत घरेलू उपयोग का अन्य सामान भी खराब हो गया था। प्रभावित परिवारों को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से राजस्व टीम को नुकसान का सर्वे कर पात्र परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में राजस्व लेखपाल संध्या सिंह गांव पहुंचीं और नुकसान का सर्वे शुरू किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी सहायता की सूची में नाम शामिल कराने और आर्थिक मदद दिलाने के एवज में कुछ परिवारों से कथित तौर पर रुपये मांगे गए। ग्रामीणों के अनुसार, सर्वे में नाम दर्ज कराने के लिए खर्च के नाम पर रकम लिए जाने की बात कही गई, जिससे गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण पहले से ही गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी और रहने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे कठिन समय में सरकारी राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों से किसी प्रकार की रकम मांगा जाना बेहद गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक प्रभावित परिवारों को शासन की राहत दिलाने की मांग की है।
मामला संज्ञान में आने के बाद रविवार को उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र मिश्र ने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए आरोपित लेखपाल संध्या सिंह को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा के समय प्रभावित लोगों तक शासन की सहायता पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं तहसीलदार नरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन अब दोबारा सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन कराने की तैयारी में है, ताकि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए और अपात्र व्यक्ति को राहत का लाभ न मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष सर्वे कराकर पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह