जौनपुर में विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन, लोगों को दी गयी कानूनी जानकारी

 


जौनपुर, 28 मार्च (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में मंगलवार को बदलापुर तहसील परिसर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने किया, जबकि संचालन सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह की देखरेख में हुआ।

शिविर में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) आशुतोष खरवार, डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप कुमार सिंह, तहसीलदार, मध्यस्थ, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, अधिवक्ता गण एवं बड़ी संख्या में वादकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में “बच्ची देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य” प्रकरण के संदर्भ में न्यायालय के निर्णय को विस्तार से समझाया गया।

वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को दोष सिद्ध होने तक संविधान द्वारा प्रदत्त सभी अधिकार प्राप्त हैं। यदि कोई व्यक्ति जमानत मिलने के बाद भी जमानतदार प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देकर सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट के आधार पर उसे व्यक्तिगत बंध पत्र पर रिहा किया जा सकता है।

शिविर में विधिक सहायता योजनाओं, मध्यस्थता, लीगल एड डिफेंस सिस्टम, जेल विजिटर, फ्रंट ऑफिस एवं पैरा लीगल वॉलंटियर की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

इसके अलावा लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत और वैवाहिक प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने किया। अंत में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव