स्वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में शिथिलता बर्दाश्त नहीं : स्वतंत्र देव सिंह
लखनऊ, 18 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार काे कहा कि जनहित में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों तथा स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जलशक्ति मंत्री ने यह निर्देश उदयगंज स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय के सभागार में विभागीय मुख्य अभियंताओं (सिविल/यांत्रिक) के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में प्रदेश में संचालित स्वीकृत, नवीन एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, कार्यों की गुणवत्ता तथा परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
उन्होंने मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर न की जाए, बल्कि स्थलीय निरीक्षण एवं वास्तविक कार्य की स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाए। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का भी स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका लाभ निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप किसानों, ग्रामीणों एवं आमजन तक पहुंच रहा है।
परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की गहन समीक्षा
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, स्वीकृत परियोजना लागत, उपलब्ध बजट, बजट आवंटन तथा आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य की गति तथा निर्धारित समयसीमा की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार द्वारा जनहित में स्वीकृत परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
1070 परियोजनाओं के लिए 2380.69 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
विभागीय प्रस्तुतिकरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत विभिन्न संगठनों की 1070 नई एवं पूर्व संचालित परियोजनाओं के लिए शासन द्वारा प्रथम किश्त के रूप में कुल 23,80,69.00 लाख रुपये, अर्थात लगभग 2380.69 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं पर अब तक लगभग 576.41 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में बाढ़ परियोजनाओं के लिए 1009.99 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वर्ष अब तक 244 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं, जिससे संबंधित क्षेत्रों के जनमानस को बाढ़ से सुरक्षा एवं राहत मिली है।
जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए परियोजनाओं के कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप तेजी लाई जाए तथा धनराशि के उपयोग में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों, ग्रामीणों और आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय से मिल सके।
पूर्ण परियोजनाओं से 39,250 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित/पुर्नस्थापित
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद महराजगंज में रोहिन नदी पर रोहिन बैराज के निर्माण की परियोजना, जनपद कन्नौज के विकासखंड तालग्राम एवं जलालाबाद (डार्क जोन) में सिंचाई की नवीन नहर परियोजना, चैधरी चरण सिंह डलमऊ ‘बी’ पम्प नहर प्रणाली की क्षमता पुनस्र्थापना की पुनरीक्षित परियोजना तथा कचनौंदा बाँध के अवशेष कार्यों की परियोजना पूर्ण की गई।
इन चारों परियोजनाओं के पूर्ण होने से जनपद महराजगंज, कन्नौज, उन्नाव एवं ललितपुर में कुल 39,250 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित/पुनस्र्थापित हुई है तथा लगभग 40 हजार कृषक लाभान्वित हुए हैं। इसी क्रम में मध्यगंगा द्वितीय चरण परियोजना में चंदौसी शाखा के गैप्स को पूर्ण कराया गया, जिससे 57,000 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। इससे संबंधित क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई सुविधा का व्यापक लाभ मिलेगा तथा कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अधिकारी परियोजनाओं की प्रगति में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। कार्यों में अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी निर्धारित की जाए तथा जहां आवश्यक हो, संबंधित कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय