‘मुस्कुराए कानपुर’ की ओर से ‘गो ग्रीन कानपुर’ अभियान का शुभारंभ
कानपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। पेड़ ही हमारी आयुर्वेदिक औषधियों की जड़ हैं। आज हैप्पीनेस समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हमें अपने घर में रह रहे वरिष्ठजनों के लिए समय निकालकर उनसे बातचीत करनी चाहिए, यही उनके लिए खुशी का बड़ा माध्यम होगा। यह बातें रविवार को वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य एवं कानपुर हेल्थ कमेटी की संरक्षिका डॉ. वंदना पाठक ने कहीं।
स्वस्थ समाज के संकल्प के साथ ‘मुस्कुराए कानपुर’ की ओर से ‘गो ग्रीन कानपुर’ अभियान का शुभारंभ आरोहम हैप्पीनेस होम बिठूर में पौधारोपण के साथ किया गया। डॉ. वंदना पाठक, आरोहम हैप्पीनेस होम के संस्थापक डॉ. उमेश पालीवाल और मुस्कुराए कानपुर के संस्थापक डॉ. सिधांशु राय ने संयुक्त रूप से पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर आयोजित हैप्पीनेस टॉक में डॉ. उमेश पालीवाल ने कहा कि हैप्पीनेस सेंटर का उद्देश्य लोगों को प्रकृति से जोड़कर खुशहाल और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि पाैधरोपण इसी उद्देश्य की ओर एक कदम है।
डॉ. सिधांशु राय ने कहा कि दूसरों को खुशी देना भी एक कला है, जो व्यक्ति को स्वयं खुशी का अनुभव कराती है। समाज का 90 प्रतिशत हिस्सा अच्छा है, जरूरत सिर्फ अपनापन देने की है। उन्होंने बताया कि आरोहम को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा।
मुकेश पालीवाल ने कहा कि हैप्पीनेस सेंटर कानपुर में मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मकता और सामुदायिक खुशहाली के लिए काम करने वाला अनूठा मंच है।
कार्यक्रम के दौरान मुस्कुराए कानपुर की टीम ने प्रख्यात वास्तुशास्त्री विमल झाझरिया द्वारा बेंगलुरु और हरिद्वार की तर्ज पर विकसित किए जा रहे दिव्यांबर वैलनेस सेंटर का हैप्पीनेस विजिट किया। टीम ने कहा कि मुस्कुराए कानपुर दिव्यांबर वैलनेस सेंटर का सामाजिक सहयोगी रहेगा।
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रतन श्रीवास्तव और अमित अग्रवाल ने कहा कि ‘गो ग्रीन कानपुर’ मुस्कुराए कानपुर की प्रमुख पहल है। राजेश ग्रोवर ने कहा कि इसका उद्देश्य हरित पर्यावरण और खुशहाल जीवन का संदेश घर-घर तक पहुंचाना है। नजम हमराज ने दिव्यांबर वैलनेस सेंटर को शहर के लिए एक सौगात बताया।
इस अवसर पर अमित अग्रवाल, डॉ. हेमंत मोहन, अनूप द्विवेदी, डॉ. ओम प्रकाश आनंद, डॉ. जीएल श्रीवास्तव, अखिल त्यागी, दिनेश वार्ष्णेय, मीना मेहरोत्रा, अरविंद शुक्ला, आरिफ मार्टिन, शाहिद कामरान समेत अन्य लोगों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘एक पेड़ परिवार के नाम’ के तहत पौधारोपण किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप