प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता से उद्योगों को होगा लाभ, भर्ती प्रक्रिया होगी सरल

 


लघु उद्योग भारती की बैठक में योजना के प्रावधानों की दी गई जानकारी

लखनऊ, 22 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एवं लघु उद्योग भारती से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के मध्य औद्योगिक प्रशिक्षण भागीदारी (आईटीपी) योजना को लेकर रविवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य उद्योग प्रतिनिधियों को योजना की कार्यप्रणाली, लाभ एवं प्रावधानों से अवगत कराना था, ताकि कौशल विकास और रोजगार सृजन के बीच एक प्रभावी और व्यावहारिक समन्वय स्थापित किया जा सके।

बैठक को संबोधित करते हुए मिशन निदेशक पुलकित खरे ने आईटीपी योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल और रोजगार-योग्य मानव संसाधन तैयार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि उद्योग अपनी जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर दक्ष कार्यबल तैयार कर सकते हैं, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को स्थायी एवं सम्मानजनक रोजगार से जोड़ना है। आईटीपी के अंतर्गत उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा, जिससे भर्ती में लगने वाला समय और लागत दोनों में कमी आएगी। यह पहल प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष रविंद्र सिंह एवं केशव माथुर ने बैठक के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से उद्योग और सरकार के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा, जिसका सीधा लाभ युवाओं और उद्योग जगत को मिलेगा। बैठक में संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार एवं सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन