किसानों को सशक्त बनाकर विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं केवीके : डॉ. एम.एल. जाट

 


कानपुर, 29 अगस्त (हि.स.)। कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों को सशक्त बनाकर विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक जानकारी और नवाचारों को पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) लगातार कार्य कर रहे हैं।” यह बातें शनिवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कहीं।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-तृतीय कानपुर में शनिवार को “कृषक चौपाल एवं प्रदर्शनी : किसान-वैज्ञानिक नवाचार संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि देशभर के कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक और कर्मचारी किसानों की सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने केवीके वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया।

उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों को जनपद स्तर पर क्षमता निर्माण के महत्वपूर्ण केन्द्र और हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों को आधुनिक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाना है। उन्होंने अटारी और कृषि विज्ञान केन्द्रों को मिलने वाली वित्तीय सहायता को और मजबूत किए जाने की बात कही, ताकि इनके कार्यों में आर्थिक संसाधनों की कमी बाधा न बने।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर अटारी कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अटारी कानपुर तथा उसके अधीन कृषि विज्ञान केन्द्रों की उपलब्धियों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। पद्मश्री किसान चन्द्रशेखर सिंह, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता और महिला उद्यमी नीलम त्यागी ने भी कृषि एवं ग्रामीण विकास में नवाचार और किसानों की भूमिका पर विचार रखे।

कार्यक्रम में डॉ. एम.एल. जाट ने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया तथा किसान चौपाल की अध्यक्षता की। चौपाल में किसानों ने कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों और अपनी समस्याओं पर सीधे संवाद किया। कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी के साथ विभिन्न जनपदों के एक जनपद-एक उत्पाद और अन्य कृषि उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में पद्मश्री किसान, उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील कृषक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के निदेशक प्रसार, कृषि विज्ञान केन्द्रों व अटारी कानपुर के वैज्ञानिक तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। सहायक महानिदेशक कृषि प्रसार डॉ. रंजय सिंह, डॉ. आर.आर. बर्मन, देशभर के आईसीएआर-अटारी के निदेशक और उत्तर प्रदेश के सभी केवीके के वैज्ञानिक वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप