किन्नर अखाड़ा 251 बच्चों का विन्ध्याचल में कराएगा उपनयन संस्कार

 


--आचार्य महामण्डलेश्वर (डॉ) लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की देखरेख में होगा कार्यक्रम

--बच्चों का उपनयन संस्कार माघ मेला, कुम्भ, महाकुम्भ, त्र्यैम्बकेश्वर, हरिद्वार, उज्जैन में होगा

प्रयागराज, 19 अप्रैल (हि.स)। किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म को मजबूती देते हुए उसके प्रचार-प्रसार और विस्तार में लगा है। इसी कड़ी में किन्नर अखाड़ा की ओर से 20 अप्रैल को विन्ध्याचल में देश के अलग-अलग प्रदेशों के 251 बच्चों का उपनयन संस्कार (जनेऊ) और विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम सुबह सात बजे से शुरू होगा। उपनयन संस्कार सम्पन्न कराने के लिए काशी और विन्ध्याचल के 11-11 आचार्य आ रहे हैं। यह कार्यक्रम किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी (डॉ) लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की देखरेख में होगा।

किन्नर अखाडा के आचार्य महामण्डलेश्वर रविवार की सुबह दिल्ली से फ्लाइट से चलकर प्रयागराज पहुंचे, यहां पर कुछ देर विश्राम के बाद विन्ध्याचल के लिए सड़क मार्ग से प्रस्थान किया। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और उससे देश और विदेश के बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों का पहले उपनयन संस्कार बचपन में होता था, जिससे उनको परिवार, रिश्तेदार, समाज और धर्म का अच्छा ज्ञान और जुड़ाव होता था। उसी तरह से किन्नर अखाड़ा बच्चों को सनातन धर्म से जोड़ने की बड़ी पहल करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि विन्ध्याचल के बाद काशी, अयोध्या, मथुरा, तिरूपति बाला जी, पदमनाभम सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में बच्चों का उपनयन संस्कार आने वाले समय में होगा।

आचार्य महामण्डलेश्वर ने आगे बताया कि बच्चों का उपनयन संस्कार आने वाले माघ मेला, कुम्भ, महाकुम्भ प्रयागराज, त्र्यैम्बकेश्वर (नासिक), हरिद्वार और उज्जैन में व्यापक स्तर पर होगा। इस दौरान बच्चों को उपनयन संस्कार के महत्व, सनातन धर्म के महत्व और उसकी पौराणिकता सहित अन्य की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावक, उनके रिश्तेदार, समाज के प्रमुख लोग आचार्य और किन्नर अखाड़ा के सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र