केजीएमयू के डाट्स सेन्टर में मिलेगी टीबी की ट्रूनॉट जांच की सुविधा

 

लखनऊ, 26 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में टीबी जांच सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ0 सूर्यकान्त ने बताया कि ओएनजीसी के सीएसआर के सहयोग से लखनऊ जनपद को 04 नवीन मॉड्यूल ट्रूनॉट मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जिसमें से एक ट्रूनॉट मशीन की स्थापना एवं संचालन अब रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डाट्स सेन्टर में होगा। जिससे टीबी रोग से पीड़ित मरीजो को अब विभाग में ही बड़ी राहत मिलेगी।

यह ट्रूनॉट मशीन केजीएमयू को लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा उपलब्ध करायी गई है। इसके लिए डॉ0 सूर्यकान्त ने जिला एवं राज्य क्षय रोग अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उ0प्र0 के स्वास्थ विभाग को धन्यवाद ज्ञापित कर व आभार व्यक्त किया। डॉ0 सूर्यकान्त ने बताया कि अभी तक टीबी रोगियों के बलगम एकत्र कराकर माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे जाते थे। ज्ञात रहे कि केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में लखनऊ के अतिरिक्त अन्य जिलों से भी टीबी की जांच के लिए सेम्पल आते है, इस कारण विभाग पर इस जांच का काफी दबाव बना रहता है।

डॉ0 सूर्यकान्त ने बताया कि आज इस ट्रूनॉट मशीन का डेमोंस्ट्रेशन विभाग में किया गया। इस मशीन का संचालन इतना सरल है कि कोई भी स्वास्थ कार्यकर्ता इस मशीन को 05 दिनों के अन्दर संचालन करना सीख सकता है।

डा0 सोनिया नित्यानन्द, कुलपति केजीएमयू ने टीबी की शीघ्र एवं सटीक जांच हेतु अत्याधुनिक ट्रूनॉट मशीन के संचालन हेतु रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को बधाई दी। उन्होने कहा टीबी, एमडीआर टीबी व गम्भीर टीबी के रोगियों के लिए यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

ट्रूनॉट मशीन के डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम में विभाग के चिकित्सक डॉ० अंकित कुमार, सीनियर एवं जूनियर डॉक्टर, डॉट्स सेंटर के समस्त स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा मेला परियोजना की टीम उपस्थित रही। मेला परियोजना की टीबी प्रोजेक्ट समन्वयक कैथरीन डेलोनी एवं थोमस डेलोनी, जो ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी हैं, देवी संस्थान के माध्यम से समय-समय पर मरीजों के हित में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन