तिरंगा लहराते हुए बम-बम भोले के जयकारे के साथ मुरादाबाद से होकर गुजरे बरेली, रामपुर के कांवड़ जत्थे

 




मुरादाबाद, 22 अगस्त (हि.स.)। श्रावण मास के चतुर्थ पर जलाभिषेक के लिए शनिवार को मुरादाबाद से होकर जनपद बरेली, रामपुर, बिलासपुर आदि के कांवड़ जत्थे तिरंगा लहराते हुए बम-बम भोले के जयकारों के साथ मुरादाबाद से होकर गुजरे। यह सभी शिव भक्त हरिद्वार से कांवड़ भरकर ला रहे हैं।

दो दिन बाद 24 अगस्त को सावन मास का चतुर्थ व अंतिम सोमवार हैं। जहां श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को काफी संख्या में सिद्ध पीठ प्राचीन मंदिरों व गली-मोहल्ले और कॉलोनियों में बने मंदिरों में कांवड़ियों और भक्तों के द्वारा जल अभिषेक किया गया, वहीं सावन मास के अंतिम सोमवार पर मुरादाबाद जनपद के साथ अन्य जनपदों में हजारों की संख्या में कांवड़ उत्तराखंड के हरिद्वार और हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर (बृजघाट) से गंगा जल लाकर शिवलिंग व शिव परिवार पर जलाभिषेक कर अपना संकल्प पूरा करते हैं।

प्रत्येक वर्ष की तरह श्रावण मास और महाशिवरात्रि पर उत्तराखंड के हरिद्वार व हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) से कांवड़ लेकर आते हैं। दोनों स्थान से कांवड़ (जल) भरकर लाने वाले बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं आदि के आसपास के जिलों के कांवड़ बेड़े और श्रद्धालु मुरादाबाद से होकर गुजरते हैं। वहीं, लाखों की संख्या में मुरादाबाद के स्थानीय कांवड़ जत्थे और कांवड़िये भी इन्हीं जगहों से गंगाजल लेकर आते हैं। महाशिवरात्रि पर मुरादाबाद में लगभग 50 हजार से अधिक कावंड़ और सावन मास के अंतिम सोमवार पर सवा लाख से अधिक कावड़ स्थानीय शिव भक्तों द्वारा अति प्राचीन सिद्ध पीठ व अन्य मंदिर में चढ़ाई जाती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल