होली के रंग में रंगी काशी, जमकर उड़े रंग-गुलाल

फागुन की मस्ती में डूबी काशी की गली-मुहल्लों में होली का ऐसा रंग चढ़ा कि पूरा शहर उल्लास से सराबोर नजर आया। सुबह होते ही तंग गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक अबीर-गुलाल की उड़ती बौछारें और ढोल-मंजीरों की थाप गूंज उठी।
 

 वाराणसी। फागुन की मस्ती में डूबी काशी की गली-मुहल्लों में होली का ऐसा रंग चढ़ा कि पूरा शहर उल्लास से सराबोर नजर आया। सुबह होते ही तंग गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक अबीर-गुलाल की उड़ती बौछारें और ढोल-मंजीरों की थाप गूंज उठी। बच्चे पिचकारियों के साथ रंगों की बारिश करते दिखे तो युवा टोलियां बनाकर होली गीतों पर थिरकते रहे। बुजुर्गों ने भी पारंपरिक अंदाज में एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हुए शुभकामनाएं दीं। कहीं ठंडाई और मिठाइयों की खुशबू थी तो कहीं फाग और कजरी की मधुर धुनें माहौल को और रंगीन बना रही थीं। काशी की हर गली में अपनापन, उल्लास और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला, मानो पूरी नगरी फागुन के रंग में एक साथ झूम उठी हो।