संस्कृत बोर्ड परीक्षा में चमकी करिश्मा, डीएम ने किया सम्मानित

 


हमीरपुर, 02 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में जिंदगी की जिम्मेदारियाँ अक्सर सपनों की राह में रुकावट बन जाती हैं, लेकिन कुछ लोग अपने हौसले और जज्बे से हर चुनौती को मात देते हैं। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जिले की सरीला तहसील के हरसुंडी गांव की रहने वाली करिश्मा देवी ने शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है। शनिवार को जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने करिश्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।

करिश्मा की यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, समर्पण और दृढ़ निश्चय की कहानी है। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को हासिल कर दिखाया। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शनिवार को सरीला तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने करिश्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता समाज के लिए प्रेरणा है।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर, उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक सलमान खान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने भी करिश्मा के जज्बे की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि करिश्मा देवी की उपलब्धि उन सभी महिलाओं के लिए एक मजबूत संदेश है, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। करिश्मा की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे हमीरपुर जिले के लिए भी सम्मान की बात है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा