कानपुर मेट्रो : सेंट्रल-नौबस्ता सेक्शन पर तैयारियां अंतिम चरण में, सीएमआरएस की टीम ने शुरू की तकनीकी जांच
कानपुर, 11 जून (हि.स.)। कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 के कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक प्रस्तावित विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यात्री सेवाओं के विस्तार से पहले मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की चार सदस्यीय टीम 11 से 13 जून तक विभिन्न तकनीकी और सुरक्षा मानकों का परीक्षण कर रही है। यह प्रक्रिया नए सेक्शन पर सुरक्षित एवं सुगम परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह जानकारी गुरुवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवाओं के विस्तार की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सीएमआरएस के आगमन से पूर्व उनकी चार सदस्यीय टीम तकनीकी मूल्यांकन के लिए कानपुर पहुंची है। 11 जून से 13 जून तक चलने वाली इस प्रक्रिया के दौरान टीम मेट्रो ट्रैक, स्टेशनों, टनल, रिसीविंग सब-स्टेशन तथा यात्री सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच करेगी। इसके अलावा सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक और सिविल विभागों से जुड़े तकनीकी मानकों को भी परखा जाएगा।
सुशील कुमार ने कहा कि कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक का सेक्शन शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यात्री सेवाओं के विस्तार के लिए सभी आवश्यक तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शहरवासियों को जल्द ही विस्तारित मेट्रो सेवा का लाभ मिलेगा।
वर्तमान में कानपुर मेट्रो का संचालन आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल तक 14 स्टेशनों पर किया जा रहा है, जिनमें नौ एलिवेटेड और पांच अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं। विस्तार के बाद झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता सहित सात नए स्टेशन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे और कुल स्टेशनों की संख्या 21 हो जाएगी।
नए सेक्शन में दो अंडरग्राउंड और पांच एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। इसके शुरू होने से दक्षिणी कानपुर के लोगों को सेंट्रल रेलवे स्टेशन, बड़ा चौराहा, परेड, कलेक्ट्रेट, कचहरी, हैलट अस्पताल और विश्वविद्यालय समेत प्रमुख स्थानों तक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही शहर में यातायात दबाव कम होने और लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप