सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश लेकर झांसी आएंगे मोरारी बापू, 16 को रामकथा
स्वास्तिक यात्रा के क्रम में क्राफ्ट मेला मैदान में होगा आयोजन, सुबह नौ बजे से शुरू होगी कथा
झांसी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय संत मोरारी बापू 16 अक्टूबर को झांसी में एक दिवसीय रामकथा करेंगे। इसके लिए क्राफ्ट मेला मैदान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रामकथा के माध्यम से सनातन हिंदू वैदिक संस्कृति के संरक्षण और समाज को एकजुट करने का संदेश दिया जाएगा। यह आयोजन स्वास्तिक यात्रा के क्रम में किया जा रहा है।
राष्ट्रभक्त संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया और रवि निखरा ने गुरुवार काे जानकारी देते हुए बताया कि जब सनातन संस्कृति पर कुठाराघात हुआ और समाज में सांस्कृतिक मूल्यों के कमजोर होने की चिंता बढ़ी, तब आदि शंकराचार्य ने देशभर में भ्रमण कर लोगों को जोड़ने का कार्य किया था। इसी भावना से प्रेरित होकर मोरारी बापू ने स्वास्तिक यात्रा शुरू की है।
उन्होंने बताया कि यात्रा का पहला चरण 10 अक्टूबर को कन्याकुमारी से प्रारंभ हुआ। विभिन्न स्थानों पर पड़ाव करते हुए इसका समापन कश्मीर में होगा। इसके बाद दूसरे चरण में यात्रा द्वारका से शुरू होकर जगन्नाथ पुरी में समाप्त होगी। यात्रा का उद्देश्य सनातन हिंदू वैदिक संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज को एकजुट करना है।
इसी यात्रा के तहत मोरारी बापू 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे झांसी के क्राफ्ट मेला मैदान पहुंचेंगे। यहां वह रामकथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे और सनातन संस्कृति के संरक्षण, उसके मूल्यों को अपनाने तथा सामाजिक एकता का संदेश देंगे।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में पहुंचकर रामकथा का श्रवण करने की अपील की है। उनका कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया