बुवि में मियावाकी पद्धति से हरित वन विकसित करने की पहल

 


झांसी, 09 जुलाई (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान द्वारा नारायणबाग कृषि प्रक्षेत्र में मियावाकी पद्धति (Miyawaki Forest) पर आधारित पाैधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने की।

उन्होंने पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि मियावाकी वन आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत साबित होगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनीत कुमार, सम्पत्ति अधिकारी प्रो. डी.के. भट्ट, फार्म मैनेजर डॉ. अवनीश दुबे एवं डॉ. हरपाल सिंह सहित शिक्षक, छात्र-छात्राएं और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। प्रो. विनीत कुमार ने बताया कि मियावाकी पद्धति से पौधे तीन गुना तेजी से बढ़ते हैं और दस गुना अधिक कार्बन अवशोषित करते हैं। इस वर्ष सैकड़ों देशी फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया