पहले सब मुसलमान हिंदू थे, भगवान राम सबके पुरखे : केशव प्रसाद मौर्य
झांसी, 19 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को झांसी दौरे के दौरान भगवान राम, अयोध्या और विपक्षी नेताओं को लेकर कई अहम बयान दिए। शताब्दी एक्सप्रेस से झांसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भगवान श्रीराम केवल हिंदुओं की आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि उनका संबंध पूरे भारतीय समाज और संस्कृति से है। उन्होंने कहा कि पहले सब मुसलमान हिंदू ही थे और भगवान राम सबके पुरखे हैं।
अयोध्या में भगवान श्रीराम को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि “इसमें कोई गलत बात नहीं है। पहले सब मुसलमान हिंदू ही थे। हिंदुओं के पुरखे भगवान श्रीराम थे। आज हिंदू भगवान राम को भगवान के रूप में मानते हैं। दूसरे लोग उन्हें अपने पुरखों के रूप में मानते हैं।” उन्होंने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक हैं। उनकी विरासत पूरे देश की साझा धरोहर है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या भगवान श्रीरामलला की जन्मभूमि है और दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों की आस्था इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। यह देश के लिए गौरव का विषय है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रत्येक भारतीय को गर्व होना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा कि उन्हें धार्मिक और आस्था से जुड़े विषयों पर अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। एक सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि चंपत राय बड़े रामभक्त, अत्यंत आदरणीय और सम्मानित व्यक्ति हैं। उनका पूरा जीवन रामकाज और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा है।
कथित अनियमितताओं और घोटाले के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच चल रही है और सभी को एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
वहीं शिवपाल सिंह यादव के शिराथु से चुनाव लड़ने के सवाल के जबाब में सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें पहले अपने भतीजे अखिलेश यादव को संभालना चाहिए और केशव प्रसाद मौर्य के चक्कर में पड़ने की आवश्यकता नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया