ज्ञान, करुणा व संवेदना को लेकर आगे बढ़े युवा शक्ति : आनंदीबेन पटेल
दीक्षांत समारोह में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश, युवाओं से नवाचार और सेवा का आह्वान
झांसी, 13 अगस्त (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में युवा शक्ति, राष्ट्र निर्माण, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से गूंजा। कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज व राष्ट्र की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें केवल रोजगार पाने तक सीमित न रहकर सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी के भाव से आगे बढ़ना चाहिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को दर्शाने वाली ‘वॉल ऑफ फेम’, नारायण बाग कृषि फार्म स्थित पॉली हाउस तथा फूड टेक्नोलॉजी भवन के विस्तारीकरण कार्य शामिल रहे। उन्होंने बुंदेलखंड गौरव कला दीर्घा, स्टार्टअप प्रदर्शनी, चित्रकला स्टॉल और आंगनबाड़ी वीथिका का भी अवलोकन किया।
समारोह में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों की उपाधियों एवं अंकतालिकाओं को डिजीलॉकर पर अपलोड किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय में एआई आधारित शिक्षण सुविधा ‘एआई इनेबल्ड एजुकेशन ट्यूटर-द्रोणा’ का शुभारंभ किया गया। यह प्रणाली विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटल शिक्षण सहायता उपलब्ध कराएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने युवाओं से वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के संकल्प, संस्कार और साहस से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का संदेश दिया। साथ ही नशे से दूर रहकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का अदम्य आत्मविश्वास आज की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदान किए गए कुल पदकों में करीब 80 प्रतिशत पदक छात्राओं ने हासिल किए हैं। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगत सिंह और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने को कहा।
मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद(नैक) की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए श्रेष्ठ नागरिक तैयार करने की कार्यशाला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने के साथ रोजगार पैदा करने वाले नवाचार और स्टार्टअप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने एआई, डेटा साइंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग मानव कल्याण के लिए करने पर जोर दिया।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां प्रस्तुत करते हुए बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को नैक से ए++ ग्रेड और यूजीसी से श्रेणी-I का दर्जा प्राप्त है। पीएम-ऊषा के तहत विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिससे पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 135 से अधिक पेटेंट प्रकाशित किए हैं, जबकि Scopus में 1,367 से अधिक शोध पत्र दर्ज हैं। समारोह में 34,946 स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों तथा 83 शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।
दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को 35 कुलाधिपति पदक व 46 विन्यासीकृत पदकों से सम्मानित किया गया। एमएससी कृषि-उद्यान विज्ञान की आकांक्षा रावत ने 94.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान हासिल किया और कुलाधिपति स्वर्ण एवं छात्राओं में सर्वाधिक अंक के लिए रजत पदक प्राप्त किया। विभिन्न पाठ्यक्रमों के अन्य मेधावी विद्यार्थियों को भी रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। वहीं उन्नत भारत अभियान के तहत गोद लिए गए गांवों के विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। दस आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरित की गईं तथा एचपीवी वैक्सीन अभियान में योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की विभिन्न अकादमिक, शोध और छात्र-केंद्रित पत्रिकाओं का भी विमोचन हुआ।
प्रशंसा के साथ फटकार
अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने प्रशंसा के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के पेंच भी कसे। उन्होंने दो दिन पहले आई अपनी टीम की प्राप्त रिपोर्ट के बाद जमकर फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि समता गर्ल्स हॉस्टल में भोजन तैयार कर अन्य पांच हॉस्टलों में भेजा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान खाने की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बताई। हॉस्टलों में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के साथ वाशिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया