आठ दिन बाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई राजकुमारी
बेटे का आरोप-चार बार जिलाधिकारी और तीन बार एसएसपी से लगाई गुहार,फिर भी नहीं मिला न्याय
झांसी, 29 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी में सीपरी बाजार क्षेत्र में 8 दिन पूर्व झुलसी राजकुमारी की आखिरकार बीते रोज प्रदेश मुख्यालय के हॉस्पिटल में मौत हो गई। इस मौत की जानकारी लगते ही पुलिस व प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में गांव में पुलिस बल तैनात की गई। देर रात कड़ी सुरक्षा में महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मृतका के बेटे का आरोप है कि चार बार जिलाधिकारी और तीन बार पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया गया। हर बार राजस्व टीम भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
गौरतलब है कि सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरधा बांध में छोटेलाल अहिरवार परिवार समेत करीब पचास सालों से एक प्लॉट पर रह रहा था। कुछ दिनों पहले छोटेलाल की पत्नी राजकुमारी के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ और पहली किस्त भी मिल गई। बताते हैं कि परिवार ने जैसे ही निर्माण कार्य शुरू किया,तभी गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि राजकुमार, बबलू, दिनेश, सियाराम और वनमाली समेत कई लोग लगातार धमकियां दे रहे थे और निर्माण रुकवाने की कोशिश कर रहे थे। बताते हैं कि जमीन पर कब्जा कराने के लिए एक अन्य परिवार को आगे कर विवाद को और बढ़ाया गया। 20 मार्च को जब छोटेलाल और उसकी पत्नी निर्माण करने के लिए वहां पहुंचे तो एक बार फिर से विवाद हो गया। आरोप है कि पिटाई कर उन्हें भगा दिया गया। इसकी सूचना डायल 112 को दी गई। पुलिस मौके पर तो पहुंची लेकिन समाधान नहीं किया गया। बाद में निर्माण शुरू करने की कोशिश की गई तो पुनः हमला कर धमकियां दी गईं। इसी तनाव और न्याय न मिलने से आहत होकर राजकुमारी ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया। हालात में सुधार न होने पर लखनऊ रेफर कर दिया। करीब आठ दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने वाली राजकुमारी ने बीती रात दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की देर रात शव को गांव लाया गया। यहां पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
आश्वासन कई बार मिला पर न्याय नहीं
परिजनों का कहना है कि जिलाधिकारी, एसएसपी और स्थानीय थाना पुलिस से कइयों बार शिकायत की गई,लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया गया। मगर समस्या का निदान नहीं कर सके। रविवार को मृतका के बेटे अभिषेक ने आरोप लगाया कि चार बार जिलाधिकारी और तीन बार पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया मगर राजस्व टीम भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
राजस्व टीम ने दबंगों का दिया साथ
परिजनों का यह भी आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारी दबंगों के पक्ष में खड़े नजर आते थे। यहां तक की मृतका को चौकी ले जाकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए साफ कह दिया गया कि यहां आवास नहीं बनने दिया जाएगा।
आरोपियों को दी जाए कड़ी सजा
मृतका के पति छोटे लाल अहिरवार ने बताया कि राजू यादव, बबलू यादव सियाराम दिनेश समय 13 लोगों ने उन्हें मकान नहीं बनाने दिया और उनके साथ मारपीट की थी। इससे क्षुब्ध होकर पत्नी ने आग लगा ली। उस जमीन पर सियाराम व दिनेश ने शटरिंग का सामान डालकर कब्जा कर लिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। उनकी (छोटेलाल) व उनके परिवार की सुरक्षा की जाए। उनका मकान बनवाया जाए। साथ ही आर्थिक मदद भी की जाए। उन्होंने सीपरी बाजार पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार करने के बाद उनका साधारण धाराओं में चालान कर छोड़ दिया था।
13 लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
छोटेलाल ने गाँव में रहने वाले राजकुमार यादव, बब्लू यादव, सियाराम, दिनेश, वनमाली, जगन्नाथ, दीपक, अनिल, पूजा, जया, भगवती, सोमवती व राज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
सीपरी बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक जे पी चौबे ने बताया कि जिस जमीन पर निर्माण किया जा रहा था,वह नगर निगम की सरकारी भूमि है। राजस्व टीम ने भी इसे सरकारी बताया था। इसी आधार पर गांव के कुछ लोग विरोध कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। महिला द्वारा किए गए आत्महत्या के प्रयास के बाद 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया था। अब तक इनमें से 7 लोगों को जेल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमे में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया