जापान के यामानाशी प्रांत सरकार का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल यूपी दौरे पर, पर्यटन, संस्कृति और निवेश काे मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश-जापान साझेदारी को नई उड़ान, अगस्त में आएगा 200 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल
जापान से और मजबूत होंगे यूपी के रिश्ते, पर्यटन-संस्कृति के साथ निवेश को भी मिलेगा बढ़ावा
ब्रज के आतिथ्य से गंगा आरती तक 20 से 23 अगस्त तक जापानी प्रतिनिधिमंडल देखेगा यूपी की सांस्कृतिक विरासत
यूपी-जापान साझेदारी का नया अध्याय, पर्यटन-संस्कृति से निवेश तक बढ़ेगा सहयोग : जयवीर सिंह
लखनऊ, 15 जुलाई(हि. स.)। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन, संस्कृति और निवेश सहयोग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के प्रस्तावित उच्च स्तरीय आधिकारिक दौरे को लेकर बुधवार को राजधानी में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अगस्त माह में प्रस्तावित आधिकारिक यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान दौरे को सफल एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, आपसी समन्वय और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर व्यापक मंथन किया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन, संस्कृति और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच दीर्घकालिक सहयोग और आपसी संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।'
अगले माह 200 सदस्यीय जापानी दल यूपी भ्रमण पर
मंत्री ने कहा कि 'अगले माह जापान से करीब 200 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल छह दिवसीय भारत दौरे पर आएगा, जिसमें चार दिन (20 से 23 अगस्त 2026) उत्तर प्रदेश में प्रवास करेगा। प्रतिनिधिमंडल आगरा में विश्व विख्यात ताजमहल, वाराणसी और सारनाथ के बौद्ध धरोहर स्थलों का भ्रमण करेगा। वहीं क्रूज से भव्य गंगा आरती का भी अवलोकन करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।'
निवेश और परस्पर सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री जयवीर सिंह ने आगे कहा कि 'भारत और जापान के संबंध केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच संस्कृति एक मजबूत सेतु का कार्य करती है, जो साझा जीवन मूल्यों, समृद्ध परंपराओं और भगवान बुद्ध की विरासत से जुड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक, सुदृढ़ एवं स्थायी साझेदारी की नई नींव रखेगा। पर्यटन मंत्री ने यामानाशी प्रांत सरकार के सलाहकार नीरेंद्र उपाध्याय से जापान के औद्योगिक घरानों को यूपी में निवेश के लिए आकर्षित करने पर मंथन किया।
डॉक्यूमेंट्री बनेगी यूपी-जापान रिश्तों की नई कड़ी
यामानाशी प्रांत सरकार के सलाहकार नीरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि 'उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन सहयोग को नई पहचान देने के उद्देश्य से 30 मिनट की एक विशेष डॉक्यूमेंट्री बनाने का प्रस्ताव है। प्रदेश सरकार के फिल्म बंधु के सहयोग से तैयार होने वाली यह डॉक्यूमेंट्री जापान के लोगों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों, विशेषकर बौद्ध तीर्थों, पारंपरिक व्यंजनों और विविध सांस्कृतिक धरोहरों से रूबरू कराएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को जापान में एक प्रमुख पर्यटन एवं सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
अतिथियों ने अवधी व्यंजनों का चखा स्वाद
पर्यटन मंत्री की मौजूदगी में दोपहर के भोजन पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों और जापान के यामानाशी प्रांत से आए प्रतिनिधिमंडल की सार्थक वार्ता हुई। अतिथियों को अवधी व्यंजन परोसा गया। साथ ही उन्हें यूनेस्को द्वारा लखनऊ को उसकी समृद्ध अवधी पाक कला और सदियों पुरानी खाद्य परंपराओं के लिए 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का खिताब दिए जाने के बारे में बताया।
सारनाथ भ्रमण एवं गंगा आरती के बनेंगे साक्षी
यामानाशी प्रांत सरकार के सलाहकार नीरेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में जापानी दल 16 जुलाई को लखनऊ से वाराणसी एवं सारनाथ का भ्रमण करेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली एवं विश्वविख्यात बौद्ध तीर्थ सारनाथ में दर्शन-पूजन के साथ उसकी पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन करेगा। वहीं विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का साक्षी भी बनेगा।
मन मोहेगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
पर्यटन मंत्री की अगुवाई में अगस्त में प्रस्तावित 200 सदस्यीय उच्च स्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की रूपरेखा पर विमर्श हुआ। बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 अगस्त को आगरा में ब्रज संस्कृति की भव्य छटा के बीच जापान के प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक स्वागत होगा। इसके बाद 21 अगस्त को दल लखनऊ, 22 अगस्त को वाराणसी पहुंचेगा। काशी में पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के साथ संस्कृति विभाग की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। 23 अगस्त को विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ सारनाथ के भ्रमण के साथ प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का गरिमापूर्ण समापन होगा।
बैठक में ये रहे शामिल
बैठक में जापानी प्रतिनिधिमंडल से यामानाशी प्रांत के सलाहकार नीरेंद्र उपाध्याय, कात्सुया हादा, मसाकाज़ू उत्सुगी, युकी ओकुवाकी सहित कुल 10 सदस्य शामिल थे। मीटिंग में महानिदेशक पर्यटन डॉ. वेदपति मिश्रा, निदेशक इको पुष्प कुमार के., उप निदेशक पर्यटन कीर्ति, पारिजात सहित विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थिति रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा