“पापा जल्दी घर आना…” बेटे की आखिरी अपील रह गई अधूरी

 




जन्माष्टमी पर पिता की मौत से घर में पसरा मातम

बांदा, 04 सितंबर (हि.स.)। घर में जन्माष्टमी की तैयारियां चल रही थीं। बच्चे को इंतजार था कि शाम होते ही पापा घर आएंगे और पूरा परिवार मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएगा। लेकिन किसी को क्या पता था कि 10 साल के बेटे की अपने पिता से की गई एक मासूम अपील ही उनकी आखिरी बातचीत बन जाएगी।

शुक्रवार सुबह हरिराम यादव के 10 वर्षीय बेटे शिवम ने फोन पर पिता से कहा था—“पापा, आज जल्दी घर आना…” जन्माष्टमी का पर्व था, इसलिए बेटे को पिता के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार था। पिता ने भी शायद सोचा होगा कि काम खत्म कर जल्द ही अपने बच्चों के बीच पहुंच जाएंगे। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था।

बांदा जनपद के देहात कोतवाली अंतर्गत पचनेही गांव निवासी 47 वर्षीय ट्रक चालक हरिराम यादव फतेहपुर से ट्रक खाली कर बांदा स्थित अपने घर लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर मुंगुस गांव के आगे सिंहवाहिनी ढाबे के पास उन्होंने अपना ट्रक सड़क किनारे खड़ा किया। वह नीचे उतरे और सड़क पार करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़े।

मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस उन्हें उपचार के लिए पीएचसी तिंदवारी लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जब हरिराम की मौत की खबर घर पहुंची तो जन्माष्टमी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। जिस बेटे शिवम की आंखें पिता के आने की राह देख रही थीं, उसे क्या पता था कि सुबह जिस पापा से उसने कहा था—“जल्दी घर आना”, अब वह पापा कभी घर नहीं लौटेंगे।

हरिराम के परिवार में पत्नी मालती देवी, दो बेटे और पांच बेटियां हैं। ट्रक चलाकर वह पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे। अचानक हुई उनकी मौत ने पत्नी और सात बच्चों के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया है। पत्नी मालती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

जन्माष्टमी के दिन जिस घर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और अपनों के बिछड़ने का दर्द रह गया है।

डॉ. श्रेयांश गौतम ने प्रथम दृष्टया हृदयाघात से मौत की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह