जन विश्वास विधेयक नए भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक : रमेश अवस्थी

 


कानपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026’ नए भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है और यह ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लोकसभा में बुधवार को चर्चा के दौरान कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि यह विधेयक देश की व्यवस्था को ‘संदेह’ से निकालकर ‘विश्वास’ पर आधारित बनाएगा और आम नागरिकों को अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों से राहत देगा। उन्होंने कहा कि दशकों से व्यापारी, किसान और आम लोग छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण अपराधी की तरह देखे जाते रहे हैं, लेकिन अब इस मानसिकता से मुक्ति मिलेगी।

सदन को सम्बोधित करते हुए अवस्थी ने सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कानूनों को सरल और जनहितैषी बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ‘गुलामी की मानसिकता’ के शेष प्रतीकों को समाप्त करने और प्रशासनिक व्यवस्था में भरोसे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

अवस्थी ने कहा कि लम्बे समय से जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के कारण व्यापार और उद्योग प्रभावित होते रहे हैं। छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघनों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने से उद्यमियों में भय का माहौल बना रहता था, जिसे यह विधेयक खत्म करने का काम करेगा। कानपुर का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी ‘मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट’ के रूप में पहचान रखने वाला शहर पुराने और जटिल कानूनों के कारण पिछड़ गया। चमड़ा और कपड़ा उद्योग सहित हजारों एमएसएमई को अनावश्यक कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ता रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि ‘जन विश्वास विधेयक’ लागू होने के बाद ‘इंस्पेक्टर राज’ का डर समाप्त होगा, व्यापार को नई गति मिलेगी और निवेश का माहौल बेहतर होगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप