गोसाईगंज के दुल्हापुर गांव से हुई जल महोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत

 


अब गांव में जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था संभालेगी ग्राम पंचायत

लखनऊ, 08 मार्च (हि.स.)। राजधानी के गोसाईगंज स्थित हुसैनाबाद दुल्हापुर ग्राम पंचायत से रविवार को जल महोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत की गई। मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमरेश कुमार ने ग्राम प्रधान हरिनाम को जल कलश सौंपकर जल महोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत की। हुसैनाबाद दूल्हापुर ग्राम पंचायत के 760 घरों में नल से जल की सप्लाई की जा रही है। गौरतलब है कि राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन प्रदेश के 100 प्रतिशत पाइप्ड वॉटर सप्लाई वाले गांवों में जल महोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत की है। जिसके तहत ग्राम पंचायत में जलापूर्ति की पूरी जिम्मेदारी ग्रामवासियों को सौंपी जा रही है। ये कार्यक्रम 8 मार्च से 22 मार्च तक प्रदेश के लगभग 22,000 से अधिक गांवों में चलाया जाएगा।

इस मौके पर स्थानीय विधायक अमरेश कुमार ने कहा कि सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि पानी हर जरूरतमंद के पास पहुंचे और पानी को बर्बाद न किया जाए, ये हर ग्रामवासी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। सरकार ने नल से हर घर तक जल पहुंचा दिया है, अब इसके संरक्षण की जिम्मेदारी आपकी है। पानी की एक बूंद भी बर्बाद नहीं जानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान जल निगम ग्रामीण के एमडी डॉ. राजशेखर ने बताया कि गांव में हर तक नल से जल पहुंचाने के लिए गांव में लगभग 11 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने से पहले सिर्फ 25,000 नल कनेक्शन जिले के गांवों में थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 2.25 लाख नल कनेक्शन हो गई है। इस दौरान राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार समेत बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे।

विधायक ने जांची पानी की गुणवत्ता

स्थानीय विधायक अमरेश कुमार ने हुसैनाबाद दूल्हापुर ग्राम पंचायत के दिए गए नल कनेक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक ने और अधिकारियों ने खुद नल से पानी पीकर पानी की गुणवत्ता जांची। इस दौरान विधायक ने खुद पानी तो पिया ही, साथ ही एक बोतल में पानी भी भरा और उसी का इस्तेमाल पूरे कार्यक्रम के दौरान किया।

स्कूली बच्चों प्रभात फेरी निकालकर दिया जल संरक्षण व स्वच्छता का संदेशकार्यक्रम की शुरूआत से पहले स्थानीय स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकालकर पूरे गांव को जल संरक्षण व स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद बच्चों ने गांवों के नल कनेक्शन को राखी बांधकर जल बंधन कार्यक्रम किया। इसका मकसद जल संरक्षण के महत्व को समझाना था। बच्चों और ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प भी लिया।

42 ग्राम प्रधानों को अच्छे काम के लिए दिया गया प्रशस्ति पत्र कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भर से आए 42 ग्राम प्रधानों को जल जीवन मिशन योजना में अच्छा काम करने के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया। इसमें लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, हमीरपुर, बरेली समेत आधा दर्जन जिलों के ग्राम प्रधान शामिल थे।

10 साल तक कार्यदायी संस्था की होगी रखरखाव की जिम्मेदारीइस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका दीर्घकालिक और टिकाऊ मॉडल है। पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली कार्यदायी एजेंसी अगले 10 वर्षों तक संचालन रखरखाव और गुणवत्ता की सतत निगरानी करेगी। इससे ग्रामीणों को बिना रुकावट, मानक के अनुरूप नल से शुद्ध जल उपलब्ध होता रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन