सदन में महिलाओं का सशक्तीकरण रोक कर विपक्ष ने दोहरी मानसिकता उजागर किया : शंशाक मणि
देवरिया, 19 अप्रैल (हि.स.)। देवरिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद शशांक मणि ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। तीन दिवसीय विशेष सत्र से लौटने के बाद उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसे सदन में रोककर अपनी दोहरी मानसिकता को उजागर किया है।
सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दल महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से देश की मातृशक्ति को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्ष ने संख्या बल के आधार पर इसे कुचलने का काम किया।
उन्होंने देवरिया लोकसभा की लगभग 15 लाख महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में यह अधिकार जरूर मिलेगा और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी।
लोकसभा में चर्चा के दौरान अपने सम्बोधन का जिक्र करते हुए शशांक मणि ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से सदन की सामूहिक बुद्धिमत्ता बढ़ेगी और देश को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं भारत माता के स्वरूप में देश की पहचान हैं और उनकी भागीदारी से विकास को गति मिलेगी।
सांसद ने देवरिया की उद्यमी प्रतिभा प्रजापति का उदाहरण देते हुए महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर महिलाओं की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।
वहीं भारती शर्मा, अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा देवरिया ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की महिला विरोधी नीतियों से जनता भली-भांति परिचित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देवरिया की महिलाएं अब इन दलों की कथनी और करनी के अंतर को समझ चुकी हैं और आने वाले समय में उन्हें इसका जवाब भी देंगी।
प्रेस वार्ता के दौरान आरती सिंह , प्रमिला सिंह, सुनीता जायसवाल, मधु जायसवाल, विनती सिंह, बबीता चौहान, निर्मल भारतीय, शोभा यादव आदि उपस्थित रहीं ।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक