उच्च न्यायालय आदेश के अनुपालन में धरातल पर उतरा सिंचाई विभाग

 


--सिंचाई विभाग की बंधी ध्वस्त कर बनाए गए भवनों के स्वामियों को थमाया नोटिस

हमीरपुर, 24 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में आखिरकार सिंचाई विभाग उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने के लिए अब धरातल पर आकर कार्यवाही पूर्ण करने में जुट गया है। मंगलवार को सुमेरपुर कस्बे में सिंचाई विभाग महोबा के सहायक अभियंता के नेतृत्व में आई टीम ने चिन्हित किए गए 95 लोगों को नोटिस तामील कराई। जिसमें 15 दिन में बंधी की जमीन खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। नोटिस के बाद यहां आलीशान कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान, आवास बनाने वालों में हड़कम्प है।

इस बंधी पर पिछले 15 जनवरी को लवजेहाद, गैंगरेप, धर्मांतरण के दबाव के मुख्य आरोपित अबान उर्फ अफान के परिजनों का इंडियन लाज है। जिसमें लवजेहाद की घटना को अंजाम दिया गया था। सिंचाई विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यह अंतिम नोटिस है। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्यवाही होना तय है। वर्ष 2021 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सिंचाई विभाग की रिपोर्ट को आधार बनाकर बंधी को ध्वस्त कर बनाए गए मकानों को ढहाने का आदेश पारित किया था। इसके अनुपालन के लिए जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर 6 माह का समय मांगा था। लेकिन प्रशासन इस आदेश को अलमारी में बंद कर भूल गया। गत 15 जनवरी को हुए लव जेहाद, गैंगरेप, धर्मांतरण की घटना के बाद इस आदेश के तहत इंडियन लाज को ढहाने का मामला गर्म हुआ। इसके बाद प्रशासन नींद से जागा और सिंचाई विभाग को सक्रिय कर रिपोर्ट तलब की।

मंगलवार को सिंचाई विभाग के एई लवी गुप्ता के नेतृत्व में डीआरओ कृष्ण कुमार, कुलदीप कुमार जेई, उमेश कुमार जिलेदार, रामस्वरूप अमीन आदि कस्बा आए और बस स्टॉप से लेकर रेलवे स्टेशन तक बंधी ध्वस्त कर मकान बनाने वाले 95 लोगों को नोटिस थमाया। जिसमें 15 दिन में खाली करने को कहा गया है। सहायक अभियंता ने बताया कि 15 दिन के बाद भवनों को ढहाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। यह अंतिम नोटिस है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा