योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत : दयाशंकर सिंह

 


बलिया, 21 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बलिशा में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि आज पूरी दुनिया में 130 से अधिक देशों के लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसकी परंपरा आदियोगी भगवान शिव के समय से चली आ रही है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, स्मरण शक्ति और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में योग ने लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योग के माध्यम से लोगों ने अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई और महामारी से मुकाबला करने में सहायता प्राप्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है और भारत की सांस्कृतिक सभ्यता एवं परंपराओं को विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों द्वारा लेखन, रंगोली एवं योगाभ्यास प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 विद्यार्थियों को परिवहन मंत्री ने प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, नोडल अधिकारी सहायक सिंह, क्षेत्रीय आर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार सहित जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी