फार्मर आईडी और राजस्व मामलों में तेजी लाने के निर्देश, सरकारी भूमि उपलब्ध कराने पर डीएम ने दिया जोर

 


देवरिया, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से सभी उपजिलाधिकारियों के साथ राजस्व एवं भूमि संबंधी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक सरकारी भूमि की उपलब्धता, फार्मर आईडी निर्माण और लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों को शासकीय कार्यों के लिए भूमि की आवश्यकता है, उनके लिए उपयुक्त सरकारी भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को इस कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

डीएम ने अंश निर्धारण से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए फार्मर आईडी बनाना बेहद आवश्यक है। ऐसे में अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर आईडी तैयार कराई जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने धारा-34, धारा-24 एवं धारा-116 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में जनपद की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों से राजस्व कार्यों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक