जिला कारागार में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के तहत निरीक्षण, बच्चों के विकास पर जोर

 


देवरिया, 29 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में जिला कारागार का निरीक्षण अपर जिलाधिकारी (प्र.) प्रेम नारायण सिंह की अध्यक्षता में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के अंतर्गत गठित संयुक्त निगरानी समिति ने बुधवार को किया। निरीक्षण का उद्देश्य महिला बंदियों के साथ रह रहे 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा और देखरेख की व्यवस्थाओं का आकलन करना रहा। इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। यह निरीक्षण उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेशों के अनुपालन में की गई।

निरीक्षण में कारागार में कुल 5 बच्चे पाए गए। जिला बाल संरक्षण इकाई ने बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना किशोर न्याय अधिनियम के तहत तैयार की गई है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से लाभान्वित करने का प्रावधान है।

अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शासनादेश के अनुरूप नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पौष्टिक आहार व विटामिन उपलब्ध कराने की सलाह दी। वहीं शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को शैक्षिक योजनाओं से जोड़ने और आंगनबाड़ी केंद्रों से आच्छादित करने की जानकारी दी गई।

जेल अधीक्षक ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (उ.) आनन्द कुमार पाण्डेय सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला कल्याण एवं बाल संरक्षण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक