राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने शहर में तीन फर्मों के प्रतिष्ठानों की जांच की
मुरादाबाद, 24 सितंबर (हि.स.)। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने धातु और धातु कबाड़ के कारोबार में कर चोरी की शिकायतों के बाद गुरुवार को मुरादाबाद महानगर में तीन फर्मों के प्रतिष्ठानों पर एक साथ जांच की। जांच के दौरान विभाग ने करीब 3.55 करोड़ रुपये की कर चोरी का प्राथमिक तौर पर पता लगाया है। कार्रवाई के बाद कारोबारियों ने स्वयं 34 लाख रुपये कर के मद में जमा किए हैं।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 एके सिंह और अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ के निर्देश पर विभाग की टीमों ने धातु एवं धातु कबाड़ कारोबार से जुड़े व्यापारियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। सूचनाओं के आधार पर तीन फर्मों को विस्तृत जांच के लिए चिह्नित किया। इनमें दो फर्में तारे वाली मस्जिद के पास पीरजादा और एक फर्म मकबरा-2 कैत वाली मस्जिद खालसा वाली गली में संचालित मिलीं। इसके बाद विशेष अनुसंधान शाखा की दोनों इकाइयों ने तीनों व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर तलाशी की कार्रवाई की। विभागीय जांच में सामने आया कि फर्मों द्वारा बड़ी मात्रा में बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा कर उसका इस्तेमाल अपनी कर देयता के भुगतान में किया गया था। प्रारंभिक जांच में कुल 355 लाख रुपये यानी 3.55 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई। तलाशी की कार्रवाई के बाद संबंधित कारोबारियों ने 34 लाख रुपये कर के रूप में जमा किए।
कार्रवाई संयुक्त आयुक्त मिलिन्द राज और शैलेन्द्र कुमार उपाध्याय के मार्गदर्शन में उपायुक्त उत्तम तिवारी व अखिलेश कुमार, सहायक आयुक्त अकबर हुसैन व संजय कुमार तथा राज्य कर अधिकारी अरविंद कुमार सिंह, विजेंद्र सिंह और धीरज सिंह की टीम ने की।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल