नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद को गुल्लक लेकर डीएम ऑफिस पहुंचा मासूम
कुशीनगर, 03 सितंबर (हि.स.)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उससे मची तबाही ने लोगों को झकझोर दिया है। नेपाल में बाढ़ की तस्वीरें देखकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के 10 वर्षीय मासूम अल्फाज शेख का भी मन विचलित हो गया। पडरौना क्षेत्र के बेतिया गांव निवासी अल्फाज अपनी गुल्लक लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया और अपनी करीब एक साल की बचत नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने की इच्छा जताई। मासूम की इस पहल ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और उसकी संवेदनशीलता की सराहना की गई।
अल्फाज अपने परिजनों के साथ गुरुवार काे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। उसके हाथ में गुल्लक थी, जिसमें वह लंबे समय से पैसे जमा कर रहा था। उसने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को गुल्लक सौंपते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया। अल्फाज ने अनुरोध किया कि गुल्लक में जमा पूरी धनराशि को अधिकृत राहत कोष में जमा कराया जाए, ताकि इसका इस्तेमाल नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जा सके।
परिजनों के मुताबिक, अल्फाज ने टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से नेपाल में आई बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरें देखी थीं। बाढ़ में लोगों के घरों और जनजीवन को प्रभावित होते देखकर उसके मन में पीड़ितों की मदद करने का भाव आया। इसके बाद उसने अपनी गुल्लक में जमा पैसे जरूरतमंदों के लिए देने का फैसला किया। करीब एक साल से वह अपनी छोटी-छोटी बचत गुल्लक में जमा कर रहा था।
खिलौने-चॉकलेट की जगह मदद का फैसला
छोटी उम्र में बच्चे अक्सर अपनी बचत से खिलौने, चॉकलेट या दूसरी पसंद की चीजें खरीदने का सपना देखते हैं। अल्फाज ने इसके बजाय अपनी बचत उन लोगों की मदद के लिए देने का फैसला किया, जिन्हें उसने कभी देखा तक नहीं है। यही बात उसकी पहल को खास बनाती है।
गुल्लक में जमा रकम कितनी है, यह भले ही बड़ी न हो, लेकिन 10 साल के बच्चे की सोच और संवेदना जरूर बड़ी है। अल्फाज की इस पहल ने यह संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए उम्र या साधन नहीं, बल्कि संवेदनशील मन जरूरी है।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी बचत देने वाले अल्फाज की पहल की चर्चा लोगों के बीच भी रही। मासूम की इस कोशिश को इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। अल्फाज ने अपनी छोटी-सी बचत देकर यह दिखाया कि मुसीबत की घड़ी में किसी के काम आने की भावना बचपन से ही समाज को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा संदेश दे सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक