गोरखपुर : पुलिसकर्मियों ने सीखी सांकेतिक भाषा, विशेष आवश्यकता वाले लोगों से संवाद आसान बनाने की पहल

 






गोरखपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। समाज के सभी वर्गों के साथ प्रभावी संवाद और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने की दिशा में गोरखपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन गोरखपुर में भारतीय सांकेतिक भाषा पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सांकेतिक भाषा की मूलभूत जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के साथ संवाद को अधिक सहज और प्रभावी बनाना रहा।

कार्यशाला में ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारतीय सांकेतिक भाषा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से बातचीत करने की मूलभूत विधियों का व्यावहारिक अभ्यास कराया और बताया कि सुनने एवं बोलने में कठिनाई वाले लोगों से संवाद करते समय किस प्रकार संकेतों के माध्यम से उनकी बात को समझा और अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

इस दौरान पुलिसकर्मियों ने सांकेतिक भाषा के सामान्य संकेतों को सीखने के साथ ही उनके व्यवहारिक इस्तेमाल का भी अभ्यास किया। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पुलिस के समक्ष शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात को संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुना जाए तथा किसी भी प्रकार की संवाद संबंधी बाधा को शिकायत के प्रभावी निस्तारण में आड़े न आने दिया जाए।

कार्यशाला में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन की उपस्थिति में प्रतिसार निरीक्षक सहित जनपद के विभिन्न थानों से आए पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। पुलिसकर्मियों ने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों से सांकेतिक भाषा सीखते हुए संवाद की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया।

गोरखपुर पुलिस की इस पहल को समावेशी एवं संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण मिलने से पुलिसकर्मियों को विशेष आवश्यकता वाले लोगों की शिकायतों और समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने तथा उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहभागिता को और मजबूत करने में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय