जनपद के गुमनाम राष्ट्र नायकों के साक्ष्य व प्रमाणों का संकलन करें : डॉ. सुरेश पांडेय

 


-जल्द ही प्रकाशित होगी कौशाम्बी जनपद के गुमनाम राष्ट्र नायकों का विशेषांक

प्रयागराज, 12 अप्रैल (हि.स)। भारतीय इतिहास संकलन समिति, कौशाम्बी जिले की बैठक का आयोजन दारानगर, कड़ा कौशाम्बी में रविवार को किया गया। जिसमें मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. सुरेश कुमार पांडेय ने कौशाम्बी जिले के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि जो भी इस जिले के गुमनाम सितारे हैं, उन्हें खोज कर विश्व पटल पर लाने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास संकलन समिति का मुख्य उद्देश्य साक्ष्य और प्रमाणों को सूचीबद्ध करना है। उन्होंने कौशाम्बी जिले के कार्यकर्ताओं को जनपद के राष्ट्र नायकों के बारे में डॉक्यूमेंटेशन करने का आग्रह किया, जिससे उसे भविष्य में पुस्तक स्वरूप में लोगों के सामने लाया जा सके और इस पर रिसर्च किया जा सके, जिससे भारत का इतिहास समृद्ध हो।

इस अवसर पर राजकीय डिग्री कॉलेज, सिराथू के प्राचार्य डॉ. संजय प्रसाद शर्मा ने कहा कि लोकमन के इतिहास का संकलन करके फिर से नए इतिहास लिखने का समय आ गया है। उन्होंने अपने डिग्री कॉलेज के लिए भी कुलगीत के संदर्भ में कौशाम्बी के महत्वपूर्ण राष्ट्र नायकों की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इतिहास संकलन समिति कौशाम्बी जिले के महासचिव और प्रांत टोली युवा आयाम डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि ‘ना मूलं लिख्यते किंचित...’ हम अपने इतिहास को बिना मूल के एक शब्द भी नहीं लिख सकते। हमें साक्ष्यों के साथ अपनी बात को विश्व पटल पर नए सिरे से फिर से रखना होगा, जिससे भारत का गौरव फिर से जागृत हो और विश्व पटेल पर गूंजे। कौशाम्बी जिले के तमाम ऐसे गुमनाम नायक हैं, जिन्हें एक सही पटल के तहत लोकमन में पुनः व्याप्त करना है। डॉ. अनूप त्रिपाठी ने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व संघचालक त्रियुगी नाथ मिश्रा, प्रकाश नारायण शुक्ल वरिष्ठ इतिहासकार, सूर्य प्रकाश जिला उपाध्यक्ष, युवा इतिहासकार आयुष कुमार साहू, अतुल मिश्रा, धर्मेन्द्र तिवारी, हर्ष मिश्रा, राजकुमार व जिले के अन्य आजीवन सदस्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र