साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रमुख आवश्यकता : प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल

 


कानपुर, 11 जून (हि.स.)। साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगातार अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है और भविष्य में साइबर स्पेस भी संघर्ष का प्रमुख क्षेत्र होगा। देश की महत्वपूर्ण संरचनाओं को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से आईआईटी कानपुर जुलाई 2026 से बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (बी.साइबर) नामक नया स्नातक कार्यक्रम शुरू कर रहा है। यह बातें गुरुवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कही।

आईआईटी कानपुर ने साइबर सुरक्षा क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने के लिए नया स्नातक कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। जुलाई से शुरू होने वाले बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (बीसाइबर) कार्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया पारम्परिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों से अलग होगी। संस्थान के अनुसार इस कार्यक्रम में प्रवेश जेईई एडवांस के माध्यम से नहीं होगा। अभ्यर्थियों की प्रारम्भिक छंटनी जेईई मेन के अंकों और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में उनके पूर्व कार्यों के आधार पर की जाएगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को संस्थान परिसर में आयोजित विशेष परीक्षा और हैकाथॉन में भाग लेना होगा।

प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को देखते हुए ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जो छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा।

कार्यक्रम के तहत छात्र पहले दो वर्षों तक संस्थान में रहकर साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन करेंगे। इसके साथ उन्हें प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके बाद दो वर्ष की इंटर्नशिप विभिन्न सरकारी सुरक्षा संगठनों में कराई जाएगी, जहां छात्र वास्तविक साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर कार्य करेंगे।

यह कार्यक्रम आईआईटी कानपुर के वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा संचालित किया जाएगा। स्कूल के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने कहा कि साइबर सुरक्षा दुनिया भर में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है और यह कार्यक्रम मजबूत शैक्षणिक आधार तथा वास्तविक अनुभव के अनूठे संयोजन के माध्यम से अत्यधिक कुशल पेशेवर तैयार करेगा।

संस्थान इस कार्यक्रम के लिए एक समर्पित वेबपेज भी तैयार कर रहा है, जिसके अगले सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है। कार्यक्रम और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी इसी वेबपेज पर उपलब्ध कराई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप