अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा आईआईटी कानपुर : प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल
कानपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के साथ मौलिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारा लक्ष्य है। संस्थान ऐसा वातावरण तैयार कर रहा है, जहां नए विचारों, शोध और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिले। यह बातें सोमवार को आईआईटी कानपुर के 67वें स्थापना दिवस समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहीं।
आईआईटी कानपुर के मुख्य सभागार में आयोजित समारोह में आईआईटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान संस्थान की 67 वर्षों की उपलब्धियों और शिक्षा, शोध व तकनीकी विकास में योगदान को याद किया गया। समारोह में शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और पूर्व छात्र मौजूद रहे।
प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि संस्थान अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। हाल ही में शुरू किए गए ‘ग्रेटर दैन अस’ अभियान के तहत एक अरब अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे शोध, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रौद्योगिकी विकास को और मजबूती मिलेगी।
मुख्य अतिथि प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने कहा कि आईआईटी कानपुर स्वतंत्र भारत की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। संस्थान ने इंजीनियरिंग शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहां पढ़ाई के साथ नए विचारों, शोध और रचनात्मकता को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के योगदान की सराहना करते हुए सभी सम्मानित लोगों को बधाई दी।
समारोह में चार श्रेणियों में कुल 23 लोगों को सम्मानित किया गया। इंस्टीट्यूट फेलो पुरस्कार प्रो. इंद्रनील मन्ना और प्रो. वी. चंद्रशेखर को दिया गया। उन्हें पदार्थ विज्ञान और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार से 15 पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। इनमें प्रो. प्रकाश पनांगडेन, प्रो. उपमन्यु लाल, प्रो. रवि आहूजा, प्रो. हरीश चंद्र वर्मा, डॉ. पंगनमाला विजय कुमार, प्रो. दीपेंद्र प्रसाद, डॉ. जोसुला रामचंद्र राव, रवि अग्रवाल, लोकवीर कपूर, डॉ. तुषार दीपक चंद्रा, प्रो. संजय ई. सरमा, डॉ. विज्ञान सिंघल, डॉ. सतीश चंद्र, रजत वर्मा और अभिषेक विनोद सिंह शामिल हैं।
सत्येंद्र के. दुबे मेमोरियल पुरस्कार स्वर्गीय डॉ. गुरु दास अग्रवाल और लखनऊ के पुलिस उप महानिरीक्षक बबलू कुमार को दिया गया। वहीं, यंग एलुमनाई पुरस्कार प्रो. अनिंद्य डे, डॉ. नितीश श्रीवास्तव, प्रो. फैज अहमद और निखिल कुरेले को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव विश्व रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप