लखीमपुर खीरी में कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर पति-पत्नी और मासूम बेटे की मौत
डीएम ने घटना पर जताया गहरा शोक, लोगों से पक्के मकानों में रहने और खराब मौसम में सतर्कता बरतने की अपील
लखीमपुर खीरी, 26 सितंबर (हि.स.)। जिले में बीती रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। तहसील मितौली क्षेत्र के नीमगांव थाना अंतर्गत रहमतपुर गांव में बारिश के दौरान एक कच्ची दीवार छप्पर पर गिर गई। मलबे के नीचे दबकर एक ही परिवार के तीन लोगों पति, पत्नी और उनके आठ वर्षीय बेटे की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
जानकारी के अनुसार यह हादसा बीती रात उस वक्त हुआ जब रहमतपुर गांव निवासी मोहन कश्यप (50), उनकी पत्नी कविता कश्यप (45) और उनका आठ वर्षीय बेटा नानू कश्यप अपने घर में छप्पर के नीचे सो रहे थे। देर रात अचानक पास की जर्जर कच्ची दीवार भरभराकर छप्पर के ऊपर गिर गई। गहरी नींद में होने के कारण परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला और तीनों भारी मलबे में दब गए।
दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सब्बन की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल अनुज वर्मा और सिकंदराबाद चौकी की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद मलबे के नीचे दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अचानक मौत से गांव में चीख-पुकार मच गई।
हादसे के बाद राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कच्चे घरों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए जाएं।
जिलाधिकारी की अपील:
लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि वे सुरक्षित और पक्के मकानों में ही रहें। इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने हिदायत दी है कि खराब मौसम और बारिश के दौरान लोग खुले स्थानों पर न जाएं, पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों और जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें।
हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव