रेलवे सुरक्षा बल व राष्ट्रीय महिला आयोग ने ‘मानव तस्करी निरोधक’ पर किया जागरूक

 


प्रयागराज, 31 मार्च (हि.स.)। महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से मंगलवार को प्रयागराज के मुंडेरा स्थित एक होटल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय महिला आयोग और रेलवे सुरक्षा बल उत्तर मध्य रेलवे के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा मानव तस्करी की पहचान, इसकी रोकथाम के उपाय और पीड़ितों के बचाव एवं सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि तस्करों द्वारा अक्सर परिवहन के साधनों का उपयोग किया जाता है, इसलिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है।

सेमिनार में इस जागरूकता अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए रेलवे से जुड़े उन सभी वर्गों को शामिल किया गया, जो यात्रियों के सीधे संपर्क में रहते हैं। कार्यक्रम में 160 आरपीएफ कर्मी, 24 जीआरपी जवान, 25 वाणिज्य विभाग के कर्मचारी, 10 वेंडर, 08 कुली एवं 03 पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों में कार्यरत सभी एजेंसियों और फ्रंटलाइन कर्मियों (जैसे वेंडर, कुली और टिकट चेकिंग स्टाफ) को मानव तस्करी की घटनाओं के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाना था। इसके साथ ही, इस जघन्य अपराध को रोकने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे विभागों के बीच आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।

कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागिता की, जिनमें मुख्य रूप से राज्य महिला आयोग अध्यक्षा बबीता चौहान, डॉ. सरफराज अहमद खान, अजीत सिंह, गुड़िया एनजीओ, मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल, प्रदीप कुमार गुप्ता, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर मध्य रेलवे, मुख्य सुरक्षा आयुक्त एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आदि उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र