हाथरस : ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

 


हाथरस, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद में सादाबाद ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने पर जोर देते हुए खंड विकास कार्यालय में सभागार में बुधवार एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और पंचायत सहायकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय के स्रोत विकसित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों तथा योजनाओं की जानकारी देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी सुरेश चंद और सहायक पंचायत विकास अधिकारी रामकिशन सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायतों से अपनी आय के स्थायी स्रोत विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करके पंचायतें विकास कार्यों के लिए आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बन सकती हैं। सहायक पंचायत विकास अधिकारी रामकिशन सिंह ने प्रतिभागियों को ओन सोर्स रेवेन्यू (ओएसआर) पोर्टल पर समयबद्ध और सावधानीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर सही और समय पर की गई प्रविष्टियां पंचायतों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार चौधरी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गोवर्धन परियोजना, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, सामुदायिक शौचालय संचालन और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विभिन्न मॉडलों के माध्यम से पंचायतों द्वारा आय अर्जित करने के तरीके विस्तार से समझाए। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत राज अधिनियम-1947 की धारा-37 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को विभिन्न प्रकार के कर लगाने और उनकी वसूली का अधिकार प्राप्त है।

प्रशिक्षक भूप्रकाश उपाध्याय ने ग्राम पंचायतों को कॉमन सर्विस सेंटर (जन सेवा केंद्र) के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करके आय बढ़ाने के विकल्प सुझाए। उन्होंने पंचायत सहायकों को बैंक संवाददाता के रूप में जोड़कर व्यक्तिगत आय और पंचायत के राजस्व में वृद्धि की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

प्रशिक्षक मनोरमा ने भी पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों से चार्ट पेपर तैयार करवाकर प्रस्तुतीकरण कराया गया। इसके माध्यम से उनके अर्जित ज्ञान और समझ का मूल्यांकन किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना