उत्तर प्रदेश में 26 लाख़ बेटियों को एचपीवी टीके का मिला सुरक्षा कवच

 


लखनऊ,18 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश ने अपनी बेटियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 26 लाख से अधिक बालिकाओं को सुरक्षा कवच प्रदान करते हुए शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश में किशोरियों के सुरक्षित कल, स्वास्थ्य संरक्षण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं को माता-पिता की सहमति से राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क एकल-खुराक एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक उस बालिका को यह जीवनरक्षक वैक्सीन निःशुल्क लगाई जा रही है, जिसका 14वाँ जन्मदिन पूर्ण हो चुका है, परन्तु 15वाँ जन्मदिन अभी नहीं आया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह आयु वर्ग वैक्सीन के प्रभाव की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि निजी अस्पतालों में एचपीवी वैक्सीन की कीमत अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण अनेक परिवारों के लिए इसका लाभ लेना कठिन होता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह वैक्सीन प्रदेश के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पतालों में पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियाँ भी इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहें।

इस अवसर पर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डा0 पिंकी जोवल ने जारी बयान में बताया कि उत्तर प्रदेश अपने चिन्हित लक्षित समूह में 100 प्रतिशत कवरेज प्राप्त करने वाले राज्यों में शामिल है। 26 लाख से अधिक बेटियों को एचपीवी टीके का सुरक्षा कवच मिलना हमारे लिए केवल एक उपलब्धि या आंकड़ा नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीदों और हमारी बेटियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा भावनात्मक क्षण है। एक बेटी के स्वस्थ रहने का अर्थ केवल एक परिवार का स्वस्थ रहना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का मजबूत और सुरक्षित होना है। हम चाहते हैं कि हमारी हर बेटी अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी तरह स्वस्थ और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी से बचाव के लिए समय पर किया गया टीकाकरण भविष्य की एक बड़ी चिंता को आज ही कम करने का प्रयास है।

उन्होंने बताया कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। किशोरावस्था में एचपीवी टीकाकरण भविष्य में एचपीवी संक्रमण तथा उससे संबंधित कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण निवारक उपाय है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में पात्र बालिकाओं तक टीके की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन