मेडिकल कॉलेज के हेमेटोलॉजी विभाग ने की पहली बार जटिल रक्त रोग सिकल सेल एनीमिया और बीटा थैलेसीमिया की जांच

 


देवरिया, 18 जुलाई (हि.स.)। देवरिया महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया के पैथोलॉजी विभाग (हेमेटोलॉजी सेक्शन) ने पहली बार एक जटिल रक्त रोग का सफल एवं सटीक निदान कर नई उपलब्धि हासिल की है। मेडिकल कॉलेज में हेमेटोलॉजी स्तर पर इस प्रकार का यह पहला सफल निदान माना जा रहा है, जिससे मरीज को समय रहते सही बीमारी की पहचान होने के बाद उचित विशेषज्ञ उपचार किया जा सका।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि हाल ही में विभाग में एक मरीज की रक्त संबंधी जांच के दौरान विशेषज्ञों ने पेरिफेरल ब्लड स्मीयर (Peripheral Blood Smear) के सूक्ष्म परीक्षण में सिकल सेल एनीमिया विद बीटा थैलेसीमिया की संभावना व्यक्त की। प्रारंभिक संकेत मिलने पर विभाग ने बिना समय गंवाए आवश्यक पुष्टिकरण जांच शुरू की। सबसे पहले सोडियम मेटाबाईसल्फाइट स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है ।

उन्होंने बताया कि इसके बाद अंतिम पुष्टि के लिए मरीज का नमूना बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेजा गया, जहां हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी) जांच में पैथोलॉजी विभाग के प्रारंभिक निष्कर्ष की पूरी तरह पुष्टि हो गई। निदान की पुष्टि होने के बाद मरीज को आवश्यक विशेषज्ञ उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया, ताकि उसे समय पर उचित इलाज मिल सके।

डॉ. रजनी पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया और बीटा थैलेसीमिया जैसे जटिल रक्त रोगों में समय पर और सटीक पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सही समय पर बीमारी का पता चलने से उपचार की दिशा तय करना आसान हो जाता है और मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस सफलता का श्रेय पैथोलॉजी विभाग के चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, लैब टेक्नीशियनों और सहयोगी कर्मचारियों की टीम को जाता है, जिन्होंने आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट टीमवर्क के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की। यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज में अंतर्विभागीय सहयोग तथा गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाओं के लगातार सुदृढ़ होने का भी प्रमाण है।

प्राचार्या ने कहा कि उनके नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज के सभी विभाग आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, उन्नत जांच तकनीकों, अकादमिक उत्कृष्टता और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हेमेटोलॉजी विभाग की यह उपलब्धि भविष्य में गंभीर रक्त रोगों के त्वरित और सटीक निदान में मील का पत्थर साबित होगी तथा क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पैथोलॉजी विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए भविष्य में भी आधुनिक तकनीक और समर्पित सेवा भावना के साथ गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक