हिन्दू आध्यात्मिक मेले से समाजसेवा और सांस्कृतिक कार्यों को मिलेगा मंच : संजीव दीक्षित
कानपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। हिन्दू आध्यात्मिक मेले का उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के साथ विभिन्न सामाजिक और सेवा संगठनों को एक मंच पर लाना है। मेले के माध्यम से मंदिरों, ट्रस्टों, एनजीओ और अन्य संस्थाओं की ओर से किए जा रहे सेवा कार्यों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह बातें सोमवार को हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के अध्यक्ष संजीव दीक्षित ने कहीं।
शहर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क के ग्राउंड में 26 से 30 नवंबर तक हिन्दू आध्यात्मिक मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए कार्यकर्ताओं का विशेष प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियों और मेले की व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी दी गई।
हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के ट्रस्टी व फाउंडर एस. गुरुमूर्ति इन दिनों कानपुर प्रवास पर हैं। उनके मार्गदर्शन में मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशिक्षण शिविर में आयोजन के दौरान आने वाले लोगों की सुविधा, व्यवस्थाओं और विभिन्न गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आयोजकों के अनुसार मेले में समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य हिन्दू समाज से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा कार्यों की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंच सके।
मेले में एनजीओ, ट्रस्ट, मंदिरों और कॉरपोरेट संस्थानों की ओर से किए जा रहे सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि समाज में सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे संस्थानों के प्रयासों को सामने लाने से अन्य लोगों को भी सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
पूर्व वीसी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने भी मेले की तैयारियों और इसके उद्देश्यों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।
मेले को लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और व्यवस्थाओं का काम लगातार जारी है। आयोजकों के मुताबिक 26 नवंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय आयोजन में विभिन्न संस्थाओं की गतिविधियों और सेवा कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप