सामाजिक समरसता से ही सनातन समाज का उत्थान संभव : ऋतेश्वर महाराज
युवाओं का चरित्र निर्माण कर रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
लखनऊ,09 जनवरी (हि.स.)। लखनऊ के रामाधीन सिंह उत्सव लान में गुरूनानक बस्ती की ओर से आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक युवाओं का चरित्र निर्माण कर रहा है। युवाओं के चरित्र निर्माण से राष्ट्र का चरित्र निर्माण होगा। उन्होंने कहा सनातन समाज का उत्थान तभी संभव है जब हम आपसी मतभेदों को भुलाकर सामाजिक एकता और समरसता के सूत्र में बंधेंगे।
ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक समाज में समत्व की भावना, राष्ट्रदेव की आराधना और माँ भारती के वैभव की कामना को लेकर काम करता है।
युवाओं का आहवान करते हुए कहा कि हीनता के बोध का परित्याग करो, निर्भीक बनो और गौरव की अनुभूति करो। हम हिन्दू हैं। देश व धर्म की रक्षा के लिए आगे आएं।
गौ माता के विज्ञान को देखोगे तो चौंक जाओगे। यदि हम अपनी कृषि और स्वास्थ्य को पुन: सशक्त बनाना चाहते हैं तो हमें अपनी स्वदेशी गौ माता के विज्ञान को समझना होगा और उसे सम्मान देना होगा।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक कौशल ने कहा कि भारत को परमवैभव पर ले जाने के उद्देश्य से डा. केशव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। संघ स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के विषय को लेकर अनेक आयोजन हो रहे हैं। प्रान्त प्रचारक ने कहा हिन्दू समाज हिन्दू के नाते और हिन्दू नेतृत्व, हिन्दू के लिए खड़ा हो। समाज में हिन्दुत्व का भाव दृढ़ होना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अमित कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डा. पवन पुत्र बादल, वरिष्ठ प्रचारक अशोक केड़िया, सह प्रान्त कार्यवाह डा.अविनाश, प्रान्त के धर्म जागरण प्रमुख सुरेन्द्र, विभाग प्रचारक अनिल, बजरंग दल के जिला संयोजक शुभम सिंह, प्रशान्त भाटिया,ललित श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन