अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य की उच्चस्तरीय जांच के आदेश

 


लखनऊ, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार की वित्तीय अनियमितता मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। डा. ज्ञानेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने बीमारी के दौरान अवकाश पर रहते हुए वित्तीय अनियमितताएं कीं। साथ ही इस दौरान सामान खरीद के जैम अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इसी अवधि में सवा करोड़ से अधिक के चेकों पर हस्ताक्षर भी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

प्राम्भिक जांच में दोषी पाये जाने पर डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर कार्यवाही की संस्तुति उप मुख्यमंत्री ने की है। मामले की जांच महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा नेहा शर्मा को सौंपी गयी है।

डा. ज्ञानेंद्र कुमार ने पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य डा. सत्यजीत वर्मा से ही 21 सितंबर 2023 को चार्ज लिया था। इसी साल चार जनवरी से 19 जनवरी 2023 के बीच अवकाश पर जाने पर उन्होंने चार्ज डा. सत्यजीत को न देकर डा. पारस खरबंदा को सौंपा दिया था। जिसकी पत्र के माध्यम से शासन को शिकायत की गई। शिकायती पत्र में बताया गया कि डा. ज्ञानेंद्र कुमार द्वारा छुट्टी पर होते हुए भी सात व 10 जनवरी को करीब 84 लाख का जैम कांट्रैक्ट जारी किया। आरोप है कि आठ से 10 जनवरी बीच ही 17 चेकों के जरिए एक करोड़ 28 लाख 90 हजार 990 रुपये के भुगतान भी करा दिए गए। पत्र में लिखा है कि 2.12 करोड़ से अधिक के सरकारी धन का व्यय किया गया। पत्र में डा. ज्ञानेंद्र कुमार द्वारा वित्तीय अनियमितता करने की बात कही गई है।

बता दें कि डा. ज्ञानेंद्र कुमार को 16 जनवरी 2023 को पद से हटाने का आदेश दिया गया था। ऐसे में अवकाश पर रहने के दौरान भुगतान व जैम अनुबंध किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन