एसजीपीजीआई में राज्य का पहला हृदय प्रत्यारोपण सफल, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने दी बधाई

 


लखनऊ, 13 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के चिकित्सकों ने राज्य का पहला हृदय प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया। पीजीआई में भर्ती महिला मरीज में ह्रदय प्रत्यारोपित किया गया है। प्रत्यारोपण के बाद महिला मरीज स्वस्थ है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों की टीम को राज्य में पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण करने पर बधाई दी।

राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह उपलब्धि न केवल नैदानिक उत्कृष्टता को उजागर करती है, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक सशक्त हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत का संकेत भी देती है। यह ऐतिहासिक प्रत्यारोपण उत्तर प्रदेश को अंग प्रत्यारोपण में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनने का मार्ग प्रशस्त करता है, जो दूरदर्शिता, सहयोग और रोगी-केंद्रित नवाचार से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि यह सफलता एक मजबूत और सतत हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे सभी की उन्नत उपचार तक पहुंच बढ़ेगी और राज्य भर में रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया, जो उन्नत चिकित्सा सेवा की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार बहु-अंग प्रत्यारोपण पहलों को पूर्ण समर्थन देना जारी रखेगी, जिससे उत्तर प्रदेश उन्नत, रोगी-केंद्रित देखभाल का केंद्र बनने की राह प्रशस्त करेगा।

एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक प्रोफेसर आर.के. धीमन ने बताया कि दिल्ली के डोनर ने जीवन रक्षक कई अंग-लिवर, गुर्दे और हृदय-दान किए। लिवर और गुर्दे का प्रत्यारोपण दिल्ली में ही किया गया, जबकि हृदय को एसजीपीजीआईएमएस में प्राप्तकर्ता के लिए तुरंत लखनऊ भेजा गया। प्राप्तकर्ता हृदय की मांसपेशियों की बीमारी, डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी के कारण गंभीर हार्ट फेल्योर से पीड़ित था। यह उपलब्धि अनेक शहरों में अंग साझाकरण के अभूतपूर्व समन्वय की शक्ति और भारत के प्रत्यारोपण तंत्र की बढ़ती परिपक्वता को रेखांकित करती है। इस जटिल प्रक्रिया की सफलता के लिए डोनर को त्वरित एयर एम्बुलेंस के माध्यम से ले जाया गया, जिसके बाद लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग किया गया, जिससे न्यूनतम इस्केमिक समय और इष्टतम ग्राफ्ट व्यवहार्यता सुनिश्चित हुई।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी एसजीपीजीआई टीम को अपनी शुभकामनाएं देते हुए इस प्रत्यारोपण को राज्य के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आधुनिक इलाज के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ ने राज्य का पहला हृदय प्रत्यारोपण किया, जो उन्नत चिकित्सा देखभाल के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने एसजीपीजीआईएमएस टीम की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहला हृदय प्रत्यारोपण अंतर-एजेंसी सहयोग और प्रभावी शासन का एक सशक्त उदाहरण है। अवर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा अमित घोष ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए संस्थान की प्रशंसा की। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवा में एक क्रांतिकारी छलांग बताया और इस बात पर बल दिया कि कैसे सुदृढ प्रशासनिक समर्थन के साथ, उन्नत नैदानिक क्षमता, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को नया रूप दे रही है।

एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक प्रोफेसर आर.के. धीमन ने इस उपलब्धि को भारत का पहला चतुर्थक चिकित्सा केंद्र बनने की दिशा में संस्थान की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एसजीपीजीआईएमएस उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए विशिष्ट रूप से तैयार है, जो राज्य और राष्ट्र के लिए नए मानदंड स्थापित करेगा।

प्रत्यारोपण में प्रोफेसर एस के अग्रवाल, प्रोफेसर शांतनु पांडे, प्रोफेसर मिलिंद होते, डॉ विजय अग्रवाल, डॉ मुंशी, डॉ सिद्धार्थ,प्रोफेसर आदित्य कपूर, प्रोफेसर रूपाली खन्ना, डॉ अंकित साहू,डॉ अमित रस्तोगी, डॉ पल्लव सिंह, डॉ आनंदिता कश्यप, डॉ मलिका धवल, डॉ श्रद्धा गंगेले, व परफ़्यूज़निस्ट राज कुमार यादव शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन