स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन से कृषि विद्यार्थियों को मिलेगी सफलता : डॉ. रविंद्र नाथ

 


कानपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। पढ़ाई के साथ खेलकूद और कृषि फार्म की गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। यह बातें रविवार को कृषि महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में बीएससी (ऑनर्स) कृषि प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के दीक्षारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र नाथ ने कहीं।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ प्रभारी अधिष्ठाता ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय के नियमों, अनुशासन और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना है।

कार्यक्रम में सबसे पहले विद्यार्थियों और शिक्षकों का परिचय कराया गया। मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र नाथ ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का महत्व बताया।

प्रभारी अधिष्ठाता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर बधाई दी। उन्होंने स्नातक पाठ्यक्रम की रूपरेखा, सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट और आंतरिक मूल्यांकन की जानकारी दी। साथ ही महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों और विश्वविद्यालय के नियमों एवं अनुशासन से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने और शिक्षकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

सह-प्राध्यापक डॉ. आनंद कुमार पांडेय ने नियमित अध्ययन के साथ खेलकूद और कृषि फार्म की गतिविधियों में सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। सह-प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार ने दीक्षारंभ कार्यक्रम की उपयोगिता बताते हुए विद्यार्थियों में सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राज कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. रणधीर यादव, डॉ. प्रसुन सचान, डॉ. शिवम सिंह, डॉ. कविता साहू और सुश्री शिखा शुक्ला सहित महाविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने और उन्हें अनुशासित, कुशल एवं जिम्मेदार कृषि स्नातक के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप