बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रोज लगें स्वास्थ्य शिविर, शाम को हो फॉगिंग : डॉ. राजेश्वर सिंह

 


कानपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर लगे और शाम के समय विशेष फॉगिंग कराने के साथ मच्छर नियंत्रण व बुखार सर्वेक्षण कार्य मे तेजी लाई जाए। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को संचारी और वाहक जनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाए। यह निर्देश सोमवार को नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. राजेश्वर सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांवों के निरीक्षण के दौरान दिए।

जिला मलेरिया टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा नियंत्रण, बुखार सर्वेक्षण, आवश्यक जांच और जनजागरूकता अभियान चलाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुर के अधीक्षक को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, सोर्स रिडक्शन गतिविधियों का भौतिक निरीक्षण करने और आश्रय स्थलों में रह रहे लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा देने के निर्देश दिए गए। नगर निगम से समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से शाम के समय फॉगिंग कराने को भी कहा गया। प्रभावित क्षेत्रों में ओआरएस पैकेट और क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया।

घाटमपुर के बेंदा क्षेत्र में मलेरिया का एक केस मिलने पर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई पूरी कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे, नालियों में लार्वीसाइडल स्प्रे और फॉगिंग कराई गई। जनमानस से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट क्रीम का प्रयोग करने और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनने की अपील की गई।

जनपदीय टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में 585 घरों का सर्वेक्षण किया। इनमें नौ घर लार्वा धनात्मक पाए गए तथा 14 घरों में लार्वा नष्ट कराया गया। कुल 4373 पात्रों की जांच की गई। बनिया पुरवा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 79, चयन पुरवा में 13 और बेंदा में 31 मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें क्रमशः नौ, 13 और 31 मरीजों की मलेरिया जांच की गई और कोई भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं पाया गया। डेंगू जांच के लिए कोई सैंपल एसएसएच लैब नहीं भेजा गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप