जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में हाई डिपेंडेंसी यूनिट शुरू, गंभीर गर्भवतियों को मिलेगी 24 घंटे विशेषज्ञ निगरानी : डॉ. रेनू गुप्ता

 


कानपुर, 21 जुलाई (हि.स.)। हाई डिपेंडेंसी यूनिट प्रसूति सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां गंभीर लेकिन आईसीयू की आवश्यकता से कम स्तर की निगरानी वाली गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं को 24 घंटे विशेषज्ञ देखभाल, सतत मॉनिटरिंग और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह बातें मंगलवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने कहीं।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में मंगलवार को नवस्थापित हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) का शुभारंभ प्राचार्य एवं अधिष्ठाता डॉ. संजय काला ने किया। कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरी तथा एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

डॉ. रेनू गुप्ता ने कहा कि एचडीयू के संचालन से गंभीर जटिलताओं की समय रहते पहचान और उपचार संभव होगा, जिससे मातृ एवं नवजात मृत्यु दर के साथ-साथ मातृ रोगग्रस्तता के मामलों में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।

प्राचार्य एवं अधिष्ठाता डॉ. संजय काला ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक प्रसव वाले राज्यों में शामिल है। पिछले वर्षों में मातृ मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप संबंधी जटिलताएं, संक्रमण और गंभीर एनीमिया जैसी समस्याएं अब भी मातृ मृत्यु के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में एचडीयू समय पर गहन निगरानी और बहुविषयक उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उप प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरी ने कहा कि प्रत्येक मातृ मृत्यु के पीछे कई ऐसे मामले होते हैं, जिनमें महिलाएं गंभीर जटिलताओं से बाल-बाल बच जाती हैं। ऐसे मरीजों के लिए एचडीयू जीवनरक्षक सुविधा साबित हो सकती है।

कार्यक्रम में डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. वंदना शर्मा सहित विभाग के संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्र उपस्थित रहे। सभी ने इसे क्षेत्र की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए विश्वास जताया कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप