हमीरपुर के कुंडौरा गांव की महिलाओं ने फाग निकालकर लगाए ठुमके

 


-अनोखी होली शुरू होने से पहले पुरुषों ने छोड़ा गांव

हमीरपुर, 05 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के एक गांव में गुरुवार को महिलाओं ने सामूहिक रूप से फाग निकालकर जमकर धमाल किया। घूंघट वाली महिलाओं ने जमकर ठुमके भी लगाए। महिलाओं की इस अनोखी होली के शुरू होने से पहले ही पुरुषों और बच्चों ने गांव छोड़ खेत खलिहानों में डेरा डाला। घूंघट वाली महिलाओं ने फाग गीतों की धूम में जमकर ठुमके भी लगाए। महिलाओं की अनोखी होली देर शाम समाप्त होने के बाद पुरुषों की गांव में इन्ट्री हो सकी।

सुमेरपुर थाना क्षेत्र के कुंडौरा गांव में पुरानी परम्परा के अनुसार, महिलाओं ने अनोखी होली खेलकर जमकर धमाल मचाया। यहां कई दशकों से चली आ रही परम्परा में महिलाओं ने ही फाग निकालकर ठुमके लगाए। गांव की सरपंच सविता देवी के नेतृत्व में हर घर की महिलाओं ने होली की फाग निकाली। पूरे गांव की महिलाओं ने रामजानकी मंदिर में एकत्र होकर फाग गाए फिर ढोलक और मजीरे की धुन में ठुमके भी लगाए। इसके बाद घूंघट वाली महिलाओं की टोलियां रामजानकी मंदिर से गांव की हर गली और कूचों में रंग गुलाल उड़ाते हुए जमकर धमाल किया।

गांव के सरपंच प्रतिनिधि अरविन्द प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाओं की होली की फाग निकालने की परम्परा बहुत पुरानी है। यहीं एक ऐसा त्योहार है जिसमें पूरे गांव की हर बिरादरी की महिलाएं और नवयुवतियां होली की फाग में शामिल होती हैं। तमाम बुजुर्ग महिलाओं ने भी होली के गीत गाकर ठुमके लगाए।

गांव की बुजुर्ग देवरती कुशवाहा, कमलेश कुमारी, रुकमणि, मुन्नी देवी, रामदेवी समेत तमाम महिलाओं ने बताया कि जब से शादी होकर यहां आई है तभी से गांव की अनोखी होली खेलने की परम्परा का हिस्सा बन रही है।

फाग होली के बाद पुरुषों को गांव में मिली इन्ट्री गांव में आज महिलाओं की होली की फाग कार्यक्रम से पहले सभी पुरुषों को अल्टीमेटम दिया गया था कि वे गांव छोड़ बाहर चले जाएं। केवल बूढ़े और बच्चे ही अपने घरों में रहेंगे। महिलाओं के इस एलान के बाद गांव के सरपंच प्रतिनिधि समेत सभी पुरुष गांव छोड़ खेत खलिहान की तरफ निकल गए।

ग्राम के बीएल कुशवाहा ने बताया कि गांव से पुरुषों के जाने के बाद महिलाओं की अनोखी होली शुरू हुई, जो देर शाम समाप्त हुई। बताया कि कई नवयुवकों को महिलाओं ने गांव से खदेड़ा है। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि महिलाओं की होली की फाग निकलने से पहले एक भी पुरुष गांव में नहीं रहा। पुरुषों पर पैनी नजर रखने के लिए महिलाएं लाठी डंडे से लैस भी रहीं।

होली की धूम में गांव की बूढ़ी महिलाओं ने भी लगाए ठुमके

सैकड़ों साल पुरानी परम्परा महिला फाग होली की धूम शाम तक मची रही। गांव की तमाम बूढ़ी महिलाओं ने होली गीत गाते हुए ठुमके लगाए, तो घूंघट वाली महिलाएं ताली बजाने लगी। गांव की बुजुर्ग देवरती कुशवाहा ने बताया कि बुन्देलखंड और आसपास के राज्यों में इस तरह की कोई होली नहीं होती है जैसा कि यहां उनके गांव में महिलाओं की होली में धमाल होता है। बताया कि पुरानी परम्परा का हर साल पूरे गांव की महिलाएं एकजुट होकर निर्वहन करती हैं। इस बार भी हर घर से महिलाएं फाग होली का हिस्सा बनी हैं। गांव की गलियों में भी बुजुर्ग और घूंघट वाली महिलाओं ने ढोल मजीरे के साथ फाग गाते हुए डांस भी किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा