गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सेवा, त्याग और मानवता की अमर मिसाल : मोहनजीत सिंह गंभीर
कानपुर, 26 जून (हि.स.)। गुरु अर्जन देव जी महाराज का जीवन सेवा, त्याग, मानवता और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित था। उनकी शहादत आज भी पूरी मानवता को सत्य, धैर्य और निस्वार्थ सेवा का संदेश देती है। यह बातें शुक्रवार को खालसा दल संस्था के प्रधान मोहनजीत सिंह गंभीर ने कहीं।
सिखों के पंचम गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस के अवसर पर खालसा दल संस्था की ओर से गुमटी नंबर-5 स्थित गुरु गोबिंद सिंह चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए सेवा भाव के तहत श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच मीठी लस्सी का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लस्सी का प्रसाद ग्रहण कर गुरु साहिब को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
प्रधान मोहनजीत सिंह गंभीर ने कहा कि वर्ष 1606 में लाहौर में गुरु अर्जन देव जी को भीषण गर्मी के बीच अमानवीय यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों, धार्मिक मूल्यों और मानवता के मार्ग से कभी समझौता नहीं किया। उनका सर्वोच्च बलिदान सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत हमें सेवा, समर्पण, भाईचारे और मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए खालसा दल संस्था प्रत्येक वर्ष शहीदी दिवस पर सेवा कार्यों का आयोजन करती है, ताकि समाज में मानवता और परोपकार का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खालसा दल संस्था के पदाधिकारी, सिख समाज के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप